नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वी डी सतीशन को केरल का अगला मुख्यमंत्री चुने जाने संबंधी फैसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह कदम पार्टी के भीतर ‘‘आंतरिक कलह’’ को उजागर करता है और इससे पता चलता है कि यह ‘‘रिमोट कंट्रोल से चलने वाली सरकार’’ होगी।
कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी के शीर्ष और प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा के बाद केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सतीशन के नाम पर मुहर लगाई।
केरल के लिए पार्टी पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक के साथ यहां पार्टी कार्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने सतीशन के नाम की घोषणा की।
सतीशन के अलावा कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश इकाई पर यह निर्णय थोपा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि केरल के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला नयी दिल्ली में हुआ है, न कि केरल में। यह घोषणा दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय से की गई, जिससे पता चलता है कि यह ‘रिमोट कंट्रोल से संचालित सरकार’ होगी।’’
भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि केरल में नेतृत्व के चयन को लेकर गांधी परिवार में मतभेद था। उन्होंने कहा कि सतीशन का चयन ‘‘प्रियंका गांधी वाद्रा के दबाव’’ के कारण हुआ, जो ‘‘किसी भी कीमत पर राहुल गांधी की पसंद के उम्मीदवार के.सी. वेणुगोपाल को नहीं चाहती थीं’’।
उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रियंका गांधी वाद्रा के.सी. वेणुगोपाल के सख्त खिलाफ थीं। दरअसल, केरल में सत्ता किसके हाथ में होगी, इसे लेकर परिवार में जबरदस्त विवाद हुआ।’’
पूनावाला ने केरल में कांग्रेस नेता की घोषणा में देरी के लिए आंतरिक मतभेदों और गठबंधन सहयोगियों के दबाव को भी जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा, ‘‘11 दिन के बाद आखिरकार कांग्रेस पार्टी ने वी डी सतीशन जी को अपना नेता घोषित कर दिया है और इसका मतलब है कि वह अगले मुख्यमंत्री होंगे। ऐसा दो तरह के दबावों के चलते हुआ है। जमात और आईयूएमएल ने कांग्रेस को कड़ी चेतावनी दी थी। इसलिए यह स्पष्ट रूप से मुस्लिम वोट बैंक का प्रभाव है।’’
भाजपा प्रवक्ता ने कर्नाटक में कांग्रेस सरकारों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि गुटबाजी और आपसी खींचतान की समस्या केरल में भी पार्टी को परेशान करती रहेगी।
उन्होंने दावा किया, ‘‘यह कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मॉडल जैसा ही होगा। वहां डी.के. शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच टकराव है। यहां मुकाबला सतीशन बनाम के सी वेणुगोपाल बनाम चेन्निथला बनाम शशि थरूर के बीच होगा। यहां चार–पांच दावेदार होंगे जो लगातार माहौल को अस्थिर करते रहेंगे।’’
पूनावाला ने कहा कि इसी तरह के आंतरिक संघर्षों ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में भी कांग्रेस की सरकारों को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए केरल के लोगों को एक बार फिर अस्थिरता का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।’’
भाषा
देवेंद्र मनीषा नेत्रपाल
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