दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिये जाने की नेताओं ने निंदा की

दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिये जाने की नेताओं ने निंदा की

दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिये जाने की नेताओं ने निंदा की
Modified Date: July 21, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: July 21, 2026 10:25 pm IST

इंफाल/श्रीनगर/तिरुवनंतपुरम, 21 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर धरने के दौरान हिरासत में लिए जाने की कई नेताओं ने निंदा की।

मणिपुर कांग्रेस विधायक दल के नेता केशम मेघचंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं, विद्यार्थियों और वंचित वर्गों की आवाज हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा तथा समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना देने के बाद पुलिस ने बलपूर्वक हिरासत में ले लिया।

राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए मेघचंद्र ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राहुल गांधी भारत के युवाओं, विद्यार्थियों, किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों की आवाज हैं। लोकतांत्रिक असहमति को दबाने और विपक्षी नेताओं की आवाज को खामोश करने की कोशिशें हमारे लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला हैं।’’

वहीं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कांग्रेस नेताओं– राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को ‘‘गिरफ्तार’’ किया जाना भारत के लोकतंत्र पर एक धब्बा है। उन्होंने लोगों से सत्ता में बैठे लोगों के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान भी किया।

श्रीनगर से प्राप्त समाचार के अनुसार मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की शर्मनाक गिरफ्तारी भारत के लोकतंत्र पर एक और धब्बा है। जो सरकार सवालों से डरती है, वह आखिरकार अपने आलोचकों की आवाज दबाने का सहारा लेती है।’’

तिरुवनंतपुरम से प्राप्त समाचार के अनुसार केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री के आवास तक मार्च के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य सांसदों के खिलाफ कथित बल प्रयोग की भी आलोचना की।

सतीशन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में दिल्ली की घटनाओं को ‘‘असाधारण’’ बताते हुए कहा कि देश का भविष्य माने जाने वाले युवाओं और छात्रों पर बर्बर हमला किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘देश में असाधारण घटनाक्रम हो रहे हैं। देश की उम्मीद माने जाने वाले युवाओं और विद्यार्थियों पर राष्ट्रीय राजधानी में बर्बर हमला किया गया है।’’

बाद में जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को ‘‘निंदनीय’’ और ‘‘अलोकतांत्रिक’’ बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस ने सड़कों पर घसीटा, प्रियंका गांधी को पुरुष पुलिसकर्मियों ने रोका और कई सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई।

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में ऐसी कार्रवाइयों की कोई जगह नहीं है। विद्यार्थियों पर की गई बर्बर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी रोका गया और उनके साथ बल प्रयोग किया गया।’’

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान केरल के मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ तथा सांसदों कोडिकुन्निल सुरेश और डी. कुरियाकोस के खिलाफ दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा कथित बल प्रयोग की निंदा की।

केपीसीसी के महासचिव (संगठन) एन. सनल ने घोषणा की कि पार्टी केरल के मंत्री और सांसदों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार शाम जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्र केंद्रों पर राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी।

भाषा अमित राजकुमार

राजकुमार


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