(एलिजाबेथ कुरियन)
अलप्पुझा (केरल), 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने कहा है कि केरल में कांग्रेस के पास राज्य का नेतृत्व करने में सक्षम कई नेता हैं और यही पार्टी की ताकत है, जबकि सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के पास मुख्यमंत्री पद के लिए केवल पिनराई विजयन का ही चेहरा है।
चेन्निथला ने ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा को दिए एक साक्षात्कार के दौरान इस बात से इनकार नहीं किया कि वह मुख्यमंत्री पद के एक दावेदार हैं, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की पहली प्राथमिकता विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करना है और जीत के बाद पार्टी नेतृत्व यह तय करेगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि पार्टी बिना मुख्यमंत्री पद के चेहरे के चुनाव क्यों लड़ रही है, कांग्रेस की कार्यकारी समिति के सदस्य ने कहा, ‘‘हम किसी को भी मुख्यमंत्री के रूप में पेश नहीं कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ हाल ही में हुई बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा की थी।
अपने निर्वाचन क्षेत्र ‘हरिपाद’ में चुनाव प्रचार करते हुए चेन्निथला ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खरगे) और राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्राथमिकता चुनाव जीतना है, और मुख्यमंत्री पद का फैसला बाद में किया जाएगा।’’
जब चेन्निथला से पूछा गया कि क्या वह केरल के मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने की आकांक्षा रखते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘‘यह उम्मीदवारों की आकांक्षा का सवाल नहीं है। हमारे पास एक दर्जन नेता हैं जो राज्य का नेतृत्व करने में सक्षम हैं। यही कांग्रेस पार्टी की ताकत है।’’
उन्होंने कहा कि माकपा के पास केवल एक ही चेहरा है- पिनराई विजयन, जबकि कांग्रेस के पास ऐसे कई नेता हैं जो मुख्यमंत्री बनने के योग्य हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन उन्हें संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन देंगे, तो चेन्निथला ने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे पर बिल्कुल भी चर्चा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि पार्टी आलाकमान इसपर फैसला लेगा।’’
कांग्रेस नेता के अनुसार, पार्टी एलडीएफ सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और राहुल गांधी द्वारा हाल ही में घोषित पांच गारंटी कांग्रेस को जनता का विश्वास जीतने में मदद करेंगी।
वरिष्ठ नेता ने चुनाव में भाजपा और एलडीएफ के बीच ‘‘अनैतिक समझौते’’ का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई नयी बात नहीं है। पिछले चुनाव (2021) में भी, वे गुपचुप तरीके से भाजपा के साथ मिले हुए थे। वे कांग्रेस-मुक्त भारत चाहते हैं। वे देश में कहीं भी कांग्रेस की सरकार नहीं चाहते। इसलिए दोनों के एजेंडे एक जैसे हैं, क्योंकि कम्युनिस्ट भी कांग्रेस को जीतते हुए नहीं देखना चाहते।’’
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश