कांग्रेस विधायक ने ‘खूबसूरती’ को बलात्कार व ‘तीर्थ फल’ से जोड़ा,पार्टी ने बताया व्यक्तिगत विचार

कांग्रेस विधायक ने ‘खूबसूरती’ को बलात्कार व ‘तीर्थ फल’ से जोड़ा,पार्टी ने बताया व्यक्तिगत विचार

कांग्रेस विधायक ने ‘खूबसूरती’ को बलात्कार व ‘तीर्थ फल’ से जोड़ा,पार्टी ने बताया व्यक्तिगत विचार
Modified Date: January 17, 2026 / 05:41 pm IST
Published Date: January 17, 2026 5:41 pm IST

भोपाल/इंदौर, 17 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं की ‘खूबसूरती’ को कथित तौर पर बलात्कार और अनुसूचित जाति-जनजाति समाज की महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों को ‘तीर्थ फल’ से जोड़कर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

बरैया का यह बयान शनिवार को ऐसे समय में आया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष दूषित जल त्रासदी के पीड़ितों और उनके परिजनों से मिलने के लिए इंदौर के दौरे पर थे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बरैया की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और उम्मीद जताई कि गांधी, कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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विवाद होने के बाद कांग्रेस ने बरैया के बयान को ‘व्यक्तिगत विचार’ करार दिया और इससे किनारा करते हुए उनसे स्पष्टीकरण की मांग की।

हालांकि, अपने बयान पर कायम रहते हुए बरैया ने दावा कि उनकी टिप्पणी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की 40 करोड़ महिलाओं के हित में है।

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक बरैया ने एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में विवादित टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

वीडियो में बरैया यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा बलात्कार अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) की महिलाओं से होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘तो मेरा कहने का मतलब है… बलात्कार का सिद्धांत यह है कि आदमी रास्ते में जा रहा है और उसे अगर खूबसूरत लड़की दिखाई दी, सुंदर अति सुंदर… तो उसका दिमाग विचलित हो सकता है। तो बलात्कार हो सकता है।’’

बरैया ने सवालिया अंदाज में कहा आदिवासियों, दलितों और ओबीसी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है?

उन्होंने कहा, ‘‘क्यों होता है बलात्कार (इन वर्गों की महिलाओं के साथ)? क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं।’’

संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने पर कि यह किस धर्म ग्रंथ में लिखा गया है, इसके जवाब में बरैया ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक की कथित तौर पर व्याख्या करते हुए कहा कि ‘धर्म ग्रंथों’ में यह उल्लेख है कि फलां जाति की महिला से संबंध बनाने पर इस ‘तीर्थ का फल’ मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अब वह नहीं जा पाता (तीर्थ) तो घर में बैठे विकल्प क्या दिया गया? घर बैठे इनकी औरतों को पकड़कर संबंध बनाओ तो ये फल मिल जाएगा? … तो क्या करेगा फिर? अंधेरे में वह किसी को पकड़ने की कोशिश करेगा। एक व्यक्ति एक महिला का कभी बलात्कार नहीं कर सकता। अगर वह सहमत नहीं है तो नहीं करेगा।’’

मुख्यमंत्री यादव ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड परिसर का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘राहुल गांधी इंदौर आ रहे हैं। समाज में जहर घोलने वाला बयान देकर फूल सिंह बरैया ने सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करूंगा कि राहुल गांधी आकर के अपने विधायक से भी कहें, उन्हें निलंबित करें, पार्टी से बाहर करें ताकि लगे कि उनके मन में समाज के बाकी वर्गों के लिए भी कोई सम्मान है। मैं उनके इस बयान की निंदा करता हूं। फूल सिंह बरैया विधायक हैं, इसलिए मैं मानकर चलता हूं कि उनका उत्तरदायित्व है कि वह इस प्रकार की बातों से बचें।’’

भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने बरैया के बयान का कथित वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया और कांग्रेस से निष्कासित किए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को ‘खूबसूरती के तराजू’ पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को ‘तीर्थ फल’ कहना अपराधी मानसिकता की स्वीकारोक्ति है।

उन्होंने कहा, ‘‘धिक्कार है! यह स्त्री-द्वेष, दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।’’ बरैया को इंदौर में राहुल गांधी के साथ देखा गया। भाजपा नेताओं ने इस पर भी सवाल उठाए।

बाद में वहां पत्रकारों से बातचीत में भांडेर विधायक ने ‘रुद्रयामल तंत्र’ में उल्लेखित ‘चांडाली तु स्वयं काशी’ (चांडाल कन्या स्वयं काशी है) का हवाला दिया और अपने बयान को उचित बताया।

उन्होंने कहा कि एसटी और एससी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार होता है और दो-दो साल की बच्चियों के साथ होता है तो ‘मैं क्या चुप बैठा रहूं’।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं तो लगभग 35-40 करोड़ महिलाओं के पक्ष में खड़ा हूं, जिनके साथ अन्याय होता है।’’ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बलात्कार को जाति, धर्म या संप्रदाय से नहीं जोड़ा जा सकता है क्योंकि ऐसा करने वाले व्यभिचारी और अपराधी होते हैं।

उन्होंने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘यह उनका व्यक्तिगत विचार है। कांग्रेस इस प्रकार के बयान से कोई इत्तेफाक नहीं रखती। इस संदर्भ में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।’’

उन्होंने राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में रोज 22 से ज्यादा बलात्कार होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सबके लिए चिंता का विषय है। मध्यप्रदेश के लिए चिंता का विषय है। यह सरकार और गृह मंत्रालय की विफलता तो है ही, पर मैं समझता हूं कि इस बात पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए कि बहनों की रक्षा कैसे हो।’’

भाषा दिमो हर्ष ब्रजेन्द्र संतोष

संतोष


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