MLA Mukesh Malhotra Case: फिलहाल बची रहेगी विधायकी पर नहीं मिलेगा वेतन.. वोट भी नहीं कर पाएंगे कांग्रेस के ये MLA, जानें वजह..
Congress MLA Mukesh Malhotra Case: सुप्रीम कोर्ट से राहत के बावजूद कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को वेतन और वोटिंग अधिकारों पर लगी रोक।
Congress MLA Mukesh Malhotra Case || Image- ANI News File
- सुप्रीम कोर्ट से MLA को सशर्त राहत
- वेतन और वोटिंग अधिकारों पर रोक
- जुलाई में अगली सुनवाई तय
ग्वालियर: कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने ग्वालियर हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके चलते फिलहाल उनकी विधायकी बरकरार रहेगी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का यह स्टे सशर्त है। (Congress MLA Mukesh Malhotra Case) सुप्रीम कोर्ट के शतों के मुताबिक़ केस लंबित रहने तक मुकेश मल्होत्रा विधायक के रूप में वेतन नहीं ले पाएंगे और उन्हें विधानसभा में वोट देने की अनुमति भी नहीं होगी। इसके आलावा वे राज्यसभा के लिए भी मतदान नहीं कर पाएंगे।
अंतरिम व्यवस्था अंतिम फैसले तक लागू
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई महीने में तय की है। तब तक यह अंतरिम व्यवस्था लागू रहेगी और मामले पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।
MLA मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश पर मिला स्टे
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न्यायपालिका पर पूरा भरोसा : कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार
इस फैसले पर कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। (Congress MLA Mukesh Malhotra Case) उन्होंने कहा कि ग्वालियर हाई कोर्ट का फैसला त्रुटिपूर्ण था, जिसके खिलाफ मुकेश मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट गए थे, और अब उन्हें न्याय मिला है।
हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी विधायकी
गौरतलब है कि, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पिछले सोमवार को अपने एक फैसले के जरिए कांग्रेस को तगड़ा झटका दिया था। हाईकोर्ट ने श्योपुर की विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया था।
क्यों रद्द हुई थी मुकेश मल्होत्रा की विधायकी?
दरअसल ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने ये फैसला BJP नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया था। रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी। मुकेश ने नॉमिनेशन के हलफनामे में सिर्फ दो क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 4 केस छिपाए थे। इसके खिलाफ रामनिवास रावत ने कोर्ट को मल्होत्रा के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी। जिस पर सुनवाई हुई और फैसला रामनिवास रावत के फेवर में आया।
सुको में दी थी फैसले को चुनौती
वही हाईकोर्ट के इस फैसले को मुकेश मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुको ने इस मामले में मुकेश मल्होत्रा को राहत देते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी हैं।
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