बेंगलुरु, तीन अगस्त (भाषा) कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार में जगह नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस विधायक यशवंतरायगौड़ा वी. पाटिल ने सोमवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
इंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक पाटिल ने विधान सौध में विधानसभा उपाध्यक्ष रुद्रप्पा लामानी को अपना इस्तीफा सौंपा।
इस्तीफे की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने यहां प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री पद संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।
पाटिल ने संवाददाताओं से कहा कि सोमवार सुबह तक उनका नाम मंत्रियों की सूची में था और उन्हें इसकी सूचना भी मिल गई थी, लेकिन पार्टी की ओर से जारी अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी के भीतर हो रहे घटनाक्रम को देख रहा था। आज मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान हमारे नेतृत्व ने किया हुआ वादा पूरा नहीं किया। ऐसे में मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।’
पाटिल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पद के लिए इस्तीफा नहीं दिया है।
उन्होंने कहा, ‘यह मेरी अंतरात्मा को स्वीकार नहीं है। विजयपुरा जिले में स्थिति यह है कि कांग्रेस पार्टी में वफादारी और ईमानदारी का सम्मान नहीं किया जा रहा है। मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। मैं अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से बात करूंगा और आगे की रणनीति तय करूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ही मुझे मंत्री पद देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार गठन के समय कहा गया कि ढाई साल बाद मौका दिया जाएगा। अब वे अपना वादा पूरा करने में विफल रहे हैं। मेरे पास कोई विकल्प नहीं है। मैं पार्टी नहीं छोड़ रहा हूं, लेकिन उन्होंने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि मुझे इस्तीफा देना पड़ा।’
खुद को एक ‘परिपक्व नेता’ बताते हुए पाटिल ने कहा, ‘मैं अपने फैसलों से कभी पीछे नहीं हटता… यह मेरे विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का अपमान है।’
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश