कांग्रेस संगठनात्मक समीक्षा के लिए पूरे बंगाल में एआईसीसी पर्यवेक्षक भेजेगी

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कांग्रेस संगठनात्मक समीक्षा के लिए पूरे बंगाल में एआईसीसी पर्यवेक्षक भेजेगी

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 08:03 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 08:03 PM IST

कोलकाता, तीन अगस्त (भाषा) कांग्रेस आलाकमान ने पश्चिम बंगाल में संगठन को मजबूत करने का फैसला किया है। पार्टी जल्द ही राज्य के सभी संगठनात्मक जिलों में एआईसीसी पर्यवेक्षकों की टीम भेजेगी, जो जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी’ (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक राज्य के सभी 32 संगठनात्मक जिलों का दौरा करेंगे और जिला नेताओं तथा समिति के सदस्यों से बातचीत कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति किए जाने की संभावना है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘एआईसीसी संगठन संबंधी निर्णय लेने से पहले जिलों से सीधे फीडबैक लेना चाहती है। पहले शिकायतें मिलती रही हैं कि जिला अध्यक्षों के चयन में राज्य नेतृत्व की पसंद को अधिक महत्व दिया जाता था। इस कवायद का मकसद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।’

उन्होंने कहा कि पार्टी प्रत्येक सांगठनिक जिले के लिए एक-एक पर्यवेक्षक नियुक्त कर सकती है। इनकी सूची कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जल्द घोषित कर सकते हैं।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जिला अध्यक्षों के चयन से पहले एआईसीसी की ओर से इतने बड़े स्तर पर की जा रही कवायद दुर्लभ है और इससे पश्चिम बंगाल को लेकर केंद्रीय नेतृत्व की गंभीरता का पता चलता है।

यह संगठनात्मक कवायद 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद एआईसीसी द्वारा किए गए संगठनात्मक बदलावों के बाद शुरू की गई है।

कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल चुनाव के बाद कोलकाता आए थे और उन्होंने प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक की थी।

इसके कुछ समय बाद पार्टी ने गुलाम मीर की जगह उत्तराखंड के नेता प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल का कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किया।

जोशी ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के साथ अपने पहले दौर की बैठक शुरू की। ये बैठकें मंगलवार को भी जारी रहेंगी।

बैठकों से पहले जिला नेताओं से 10 बिंदुओं वाले संगठनात्मक एजेंडे के तहत जानकारी मांगी गई है।

मुख्य निर्देशों में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद कांग्रेस में शामिल हुए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करना शामिल है। उनसे यह भी पूछा गया है कि वे किस दल से आए, उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है, उनकी उम्र कितनी है और पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है या नहीं।

कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘नए प्रभारी संगठन के बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं। किसी भी बड़े फैसले से पहले वह हाल में पार्टी में शामिल हुए नेताओं और मौजूदा संगठनात्मक ढांचे का पूरा ब्योरा चाहते हैं।’

कांग्रेस ने जिला पदाधिकारियों, ब्लॉक अध्यक्षों, अग्रिम संगठनों के जिला पदाधिकारियों, प्रत्येक संगठनात्मक जिले के अंतर्गत आने वाली नगरपालिकाओं और नगर निगमों का ब्योरा तथा 2026 विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर लड़े कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची भी मांगी है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, वेणुगोपाल ने पहले प्रदेश नेताओं से कहा था कि तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों से आने वाले नेताओं का स्वागत किया जाए, लेकिन भ्रष्टाचार या आपराधिक मामलों का सामना कर रहे लोगों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाए।

हाल में विभिन्न जिलों में कई नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं। नए एआईसीसी प्रभारी संगठनात्मक समीक्षा के तहत इन सभी नए सदस्यों का भी ब्योरा देखेंगे।

भाषा

राखी दिलीप

दिलीप