प्रधानमंत्री के फेसबुक पोस्ट से जुड़ी गलती के लिए माफी मांगने को तैयार: मेटा ने संसदीय समिति से कहा

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प्रधानमंत्री के फेसबुक पोस्ट से जुड़ी गलती के लिए माफी मांगने को तैयार: मेटा ने संसदीय समिति से कहा

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 08:18 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 08:18 PM IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने सोमवार को एक संसदीय समिति से कहा कि वह फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक पोस्ट पर कुछ समय के लिए लगाई गई रोक के लिए माफी मांगने को तैयार है।

हालांकि, समिति के कुछ सदस्यों ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी पर विभाग-संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सदस्यों ने कहा कि मेटा भारत से मोटी कमाई तो करती है, लेकिन देश के कानूनों का पालन नहीं करती।

समिति के सदस्यों ने उसके समक्ष पेश हुए मेटा अधिकारियों से ‘एल्गोरिदम बायस’ के मुद्दे पर भी कड़े सवाल पूछे।

‘एल्गोरिदम बायस’ उस वक्त होता है जब कंप्यूटर प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) गलत, भेदभावपूर्ण या पक्षपाती नतीजे देते हैं।

समिति के सदस्यों ने कहा कि अश्लील जैसी आपत्तिजनक सामग्री तो प्लेटफ़ॉर्म पर धड़ल्ले से उपलब्ध है, जबकि ‘‘वास्तविक’’ सामग्री हटा दी गई।

एक सांसद ने मेटा के प्रतिनिधियों से पूछा कि जब फेसबुक ने कई आपत्तिजनक सामग्री को नहीं हटाया, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो प्लेटफ़ॉर्म से किसने हटाया।

सूत्रों ने समिति के सदस्य को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘इसके लिए आखिरकार कौन जिम्मेदार है?’’

यह पूछताछ, प्रधानमंत्री मोदी के एक हालिया फेसबुक पोस्ट पर कुछ समय के लिए रोक लगा देने की घटना के बाद हुई है। पोस्ट में उन्होंने भारत के युवाओं को संबोधित किया था और प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख़्त कार्रवाई का वादा किया था।

इस घटना को लेकर सरकार ने मेटा के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया था।

हालांकि, अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी ने इस घटना के लिए तकनीकी खराबी को वजह बताया और माफी मांगी, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को यह सफाई ‘‘अपर्याप्त’’ लगी। कंपनी ने कहा था कि सामग्री ‘‘गलती से’’ हटायी गयी थी और उसे प्लेटफ़ॉर्म पर फिर से बहाल कर दिया गया।

सोमवार को हुई बैठक में एक और सदस्य ने कहा कि लोकतंत्र में, ‘‘अगर प्रधानमंत्री का वीडियो सुरक्षित नहीं है, तो जवाबदेही तय की जानी चाहिए।’’

सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘डीपफेक’ की पहचान करने के लिए बनाए गए एल्गोरिदम की दक्षता पर भी सवाल उठाए।

सूत्रों के मुताबिक, मेटा के अधिकारियों ने समिति के समक्ष इस घटना को लेकर खेद जताया और कहा कि वे माफी मांगने को तैयार हैं।

हालांकि, भाजपा के एक सांसद ने कहा कि मामला सिर्फ माफ़ी मांगने तक सीमित नहीं है। सांसद ने कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली समिति ने ‘सोशल और डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा उनके विनियमन’ विषय पर चर्चा करने के लिए बैठक की।

यह बैठक सरकार द्वारा मेटा की ‘ग्लोबल टीम’ को, प्रधानमंत्री मोदी के फेसबुक पोस्ट पर कुछ समय के लिए रोक लगाने की घटना को लेकर तलब किये जाने के कुछ दिन बाद हुई है।

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन तथा सोशल और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म – स्नैपचैट, गूगल, एक्स (पहले ट्विटर), मेटा (फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम) और यूट्यूब – के प्रतिनिधि समिति के समक्ष पेश हुए।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश