नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सांप्रदायिक विभाजन फैलाने के लिए कथित तौर पर मीडिया, विशेषकर सोशल मीडिया का दुरुपयोग किए जाने पर शुक्रवार को चिंता जाहिर करते हुए एक सर्वदलीय समिति बनाने की मांग की जो इसके नकारात्मक प्रभावों को रोक सके ताकि समुदायों के बीच वैमनस्य न फैले।
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए प्रतापगढ़ी ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि भाजपा ने पूरे देश में नफरत का केरोसिन छिड़का है।
प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया, “सच्चाई यह है कि उन्होंने (भाजपा ने) केवल केरोसिन ही नहीं छिड़का, बल्कि चिंगारी भड़काने के लिए मीडिया को माचिस दे दी है।”
उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी पर बहस के लिए टीवी स्क्रीन पर जगह नहीं है, क्योंकि प्राइम टाइम पर “लव जिहाद, लैंड जिहाद, वोट जिहाद, यूपीएससी जिहाद” जैसे शो चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मीडिया के अहंकार का “बुलडोजर” भारत के संविधान और अदालतों की प्रतिष्ठा पर चल रहा है।
प्रतापगढ़ी ने सरकार से एक सर्वदलीय समिति बनाने का अनुरोध किया जिसका उद्देश्य सेंसरशिप नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को मीडिया और सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव से बचाना हो।
उन्होंने प्रेस परिषद और न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (एनबीडीएसए) को मजबूत करने और देश में विभाजन की भावना उत्पन्न करने वाली, झूठी सामग्री पर रोक लगाने की भी मांग की।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश