नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह संसद के मानसून सत्र में सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले उस विधेयक का विरोध कर रही है, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के अनिवार्य गायन का अपमान करने या उसमें व्यवधान डालने पर दंड का प्रावधान किया गया है।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही राष्ट्र गीत का अनादर किया है।
सरकार ने 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यसूची में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक को सूचीबद्ध किया है। विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को वही वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है, जो वर्तमान में राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि विधेयक को पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस पहल का स्वागत करने और इसका उत्सव मनाने के बजाय कांग्रेस को इससे आपत्ति है।
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी वंदे मातरम् से नफरत करती है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम विधेयक ला रही है, ताकि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को वही सम्मान और वैधानिक संरक्षण मिल सके, जो राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्र गान को प्राप्त है। लेकिन इसका स्वागत करने और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाने के बजाय कांग्रेस को इससे समस्या है।’’
पूनावाला ने आरोप लगाया कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने मुस्लिम लीग के दबाव में आकर राष्ट्रगीत को दो हिस्सों में बांट दिया था और कांग्रेस के कई नेताओं ने इसके शुरुआती दो अंतरा को भी गाने से इनकार कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह सिद्धरमैया हों, कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई हो या सोनिया गांधी, हमने देखा है कि उनके मन में वंदे मातरम के प्रति नफरत है।’’
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि जहां कांग्रेस नक्सलियों की ‘‘तारीफ’’ करती है और आतंकवादियों के प्रति ‘‘हमदर्दी’’ रखती है, वहीं वह वंदे मातरम् के प्रति नफरत प्रदर्शित कर रही है।
भाषा सुभाष दिलीप
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