माओवादियों को बड़ी चुनौती बताने वाले मनमोहन सिंह के परिवार से कांग्रेस माफी मांगे: रीजीजू

माओवादियों को बड़ी चुनौती बताने वाले मनमोहन सिंह के परिवार से कांग्रेस माफी मांगे: रीजीजू

माओवादियों को बड़ी चुनौती बताने वाले मनमोहन सिंह के परिवार से कांग्रेस माफी मांगे: रीजीजू
Modified Date: August 17, 2026 / 06:27 pm IST
Published Date: August 17, 2026 6:27 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “दिमागी नक्सल” टिप्पणी पर तंज को लेकर विपक्षी दल पर सोमवार को फिर निशाना साधा। रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के परिवार से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि सिंह ने कहा था कि माओवादी समस्या भारत के सामने सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती थी।

रविवार को रीजीजू ने चिदंबरम की “मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व है” वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन के एक दिन बाद आई थी। प्रधानमंत्री ने कहा था, “हम हथियारबंद नक्सलियों से छुटकारा पाने में सफल रहे हैं, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ हिंसा और अशांति फैलाने के मौके तलाश रहे हैं…।”

चिदंबरम ने यह भी कहा था कि ‘दिमागी नक्सल’ शब्द भाजपा के पुराने आरोपों ‘‘शहरी नक्सल”, “आंदोलनजीवी” और “टुकड़े-टुकड़े गैंग” का नया रूप है।

चिदंबरम ने कहा, ‘‘शहरी नक्सली कौन थे? आंदोलनजीवी कौन थे? ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग कौन था? पुराने आरोप विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ लगाए जाते थे। ‘दिमागी नक्सल’ उन्हीं आरोपों का नया रूप है।’’

रीजीजू ने सोमवार को कहा कि 2006 में प्रधानमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने नक्सल समस्या को प्रमुखता से उठाया था।

रीजीजू ने कहा, “13 अप्रैल, 2006 को सिंह ने कहा था, ‘यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि नक्सलवाद की समस्या हमारे देश के सामने अब तक की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती है।’”

संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस को डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार से माफी मांगनी चाहिए।’’

रीजीजू ने रविवार को कहा था कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेताओं की बात नहीं कर रहे थे, बल्कि उन लोगों की बात कर रहे थे जो माओवादियों और अलगाववादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते।

रीजीजू ने कहा, ‘‘देश के सम्मानित पूर्व गृह मंत्री (चिदंबरम) का यह बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत नुकसानदायक है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने यह नहीं कहा था कि विपक्षी नेता ‘दिमागी नक्सल’ हैं।’’

भाजपा नेता ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सिर्फ ये लोग दिमागी नक्सली हैं: 1. जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते। 2. जो अलगाववादियों के साथ खड़े हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं। 4. जो पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने के लिए ‘चिकन नेक’ को काटना चाहते हैं।’

प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी की विपक्षी नेताओं ने आलोचना करते हुए कहा कि यह असहमति को कलंकित करने और सरकार पर सवाल उठाने वालों को निशाना बनाने की कोशिश है।

भाषा आशीष माधव

माधव


लेखक के बारे में