भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु समझौते को लेकर कांग्रेस का कटाक्ष: भाजपा पलटी मारने में माहिर

भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु समझौते को लेकर कांग्रेस का कटाक्ष: भाजपा पलटी मारने में माहिर

भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु समझौते को लेकर कांग्रेस का कटाक्ष: भाजपा पलटी मारने में माहिर
Modified Date: July 9, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: July 9, 2026 5:34 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा समझौता होने के बाद बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल पलटी मारने में माहिर है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ यह समझौता केवल उस भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु सहयोग समझौते के कारण संभव हो सका, जो आठ अक्टूबर, 2008 को कानून के रूप में अस्तित्व में आया था और भाजपा ने ‘‘शुरू से ही इसका विरोध किया था।’’

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अवार्ड-जीवी ने गर्व से घोषणा की है कि ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा। यह केवल उस भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु सहयोग समझौते की वजह से संभव हुआ है, जो आठ अक्टूबर, 2008 को कानून बना था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जुलाई 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज (डब्ल्यू) बुश की बैठक से इस समझौते पर बातचीत की शुरुआत हुई थी। भाजपा ने संसद के भीतर और बाहर इस ऐतिहासिक समझौते का लगातार विरोध किया था।’’

रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस इतिहास में नए आयाम बनाती है, जबकि भाजपा ‘यू-टर्न (रुख बदलना)’ लेने में माहिर है।’’

प्रधानमंत्री मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज ने शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने में द्विपक्षीय साझेदारी की अहम भूमिका को रेखांकित किया और उनकी इस मुलाकात के दौरान भारत एवं ऑस्ट्रेलिया ने असैन्य परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने संबंधी कई महत्वपूर्ण समझौतों को बृहस्पतिवार को अंतिम रूप दिया।

मोदी एवं अल्बनीज की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने सुरक्षा पर भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त घोषणा, ऊर्जा संबंधों पर संयुक्त बयान और साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग के लिए एक खाका जारी किया।

भाषा हक

हक माधव

माधव


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