चंडीगढ़, 13 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को वर्ष 2015 की बेअदबी की घटनाओं और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस गोलीबारी के मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले न्याय का वादा करने के बावजूद ‘आप’ जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
पंजाब विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मान सरकार को घेरते हुए कहा कि न्याय दिलाने का वादा ’48 घंटों’ से शुरू होकर अब ’48 महीनों’ तक खिंच गया है और चार साल बीत जाने के बाद भी अब तक कुछ नहीं किया गया।
विशेष सत्र के दौरान सदन ने ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेश किया था।
इस नए कानून में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद तक की सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
अकाली दल के बागी विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और भारतीय जनता पार्टी के विधायक जंगी लाल महाजन ने भी इस विधेयक का समर्थन किया।
चर्चा में भाग लेते हुए बाजवा ने विधेयक का समर्थन तो किया, लेकिन सरकार से सवाल किया कि क्या इस संबंध में संवैधानिक विशेषज्ञों से राय ली गई है।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारों को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने केवल जांच समितियां बनाईं लेकिन अदालतों में आरोप पत्र दाखिल नहीं किए, जबकि मान सरकार के दौरान ही इन मामलों में चार्जशीट फाइल की गई है।
इस बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने मुख्य आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को अब तक पूछताछ के लिए पंजाब न लाए जाने पर सवाल उठाए।
सदन ने ‘पंजाब पवित्र ग्रंथ अपराध निवारण विधेयक, 2025’ पर चयन समिति की रिपोर्ट पेश करने की अवधि भी छह महीने के लिए बढ़ा दी है।
भाषा सुमित माधव
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