चंडीगढ़, नौ अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने हरियाणा सरकार की नयी संपत्ति कर प्रणाली की रविवार को आलोचना की। पार्टी ने आरोप लगाया कि संपत्ति कर की गणना को कलेक्टर रेट से जोड़ने पर निवासियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक बयान में दावा किया कि एक अगस्त से लागू होने वाली नयी संपत्ति कर प्रणाली से रिहायशी और वाणिज्यिक संपत्ति मालिकों पर कर का बोझ काफी बढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में 2013 से मौजूदा संपत्ति कर प्रणाली पर अमल किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने अब कर की गणना को कलेक्टर रेट से जोड़ दिया है।
सुरजेवाला ने कहा कि एक अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में रिहायशी, वाणिज्यिक और कृषि जमीन के कलेक्टर रेट में 75 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में अगस्त 2025 में कलेक्टर रेट 30 से 150 फीसदी और दिसंबर 2024 में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाए गए थे।
सुरजेवाला ने कहा कि 2023-24 के दौरान कलेक्टर रेट 10 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाए गए थे।
उन्होंने दावा किया कि संपत्ति कर को कलेक्टर रेट से जोड़ने पर कर का बोझ बार-बार बढ़ सकता है, क्योंकि कलेक्टर रेट समय-समय पर बदले जाते हैं।
सुरजेवाला ने दावा किया कि हरियाणा में हर साल लगभग सात से आठ लाख संपत्ति के पंजीकरण होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संपत्ति पंजीकरण और स्टैम्प ड्यूटी के जरिये पहले से ही सालाना 14,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर रही है।
सुरजेवाला ने भारी राजस्व संग्रह के बावजूद कलेक्टर रेट में बार-बार बढ़ोतरी की जरूरत पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नयी संपत्ति कर प्रणाली संपत्ति मालिकों पर कर का अतिरिक्त बोझ डालेगी।
भाषा पारुल नरेश
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