इंफाल, नौ अगस्त (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने रविवार को कहा कि राज्य में शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए मेइती समुदाय को अन्य समुदायों के बीच ‘बड़े भाई’ की भूमिका निभानी चाहिए।
सिंह ने यहां आयोजित तिरंगा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मणिपुर की रक्षा के लिए अतीत में विभिन्न समुदाय एकजुट हुए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘मणिपुर के इतिहास में, कई समुदाय इस जमीन की रक्षा के लिए एक साथ आए। 19वीं सदी में बर्मा के साथ हुए विनाशकारी युद्ध के दौरान, समुदाय के नेताओं ने एकजुट होकर उन दुश्मनों को हराया और खदेड़ दिया, जिन्होंने यहां की जमीन पर कब्जा कर लिया था।’’
मुख्यमंत्री ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज लोगों को याद दिलाता है कि भारतीय नागरिक होने के नाते उन्हें देश से अपने परिवार की तरह ही प्यार करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें याद रखना चाहिए कि 1947 में जब मणिपुर ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ, तो पहले विधानसभा अध्यक्ष चुराचांदपुर के पाइते समुदाय के एक व्यक्ति थे।’’
सिंह ने कहा, ‘‘मैं यह रेखांकित करना चाहता हूं कि अगर मेइती, कुकी और नगा केवल अपने बारे में ही सोचेंगे, तो मणिपुर कभी विकसित और प्रगति नहीं कर पाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेइती समुदाय को ‘बड़े भाई’ की भूमिका निभानी चाहिए और अपने पूर्वजों से मिली जमीन को बचाकर रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही, मुझे आशंका है कि कुछ ऐसे तत्व हैं जिन्होंने समुदायों के बीच अविश्वास पैदा किया है।’’
सिंह ने जिरीबाम की अपनी हालिया यात्रा का जिक्र किया, जहां उन्होंने कुकी और हमार समुदायों के लोगों से बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में बम धमाका हुआ, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘ज़रा सोचिए, क्या कोई सरकार ऐसा घिनौना कृत्य कर सकती है? ऐसा काम तो वे लोग ही कर सकते हैं जो सरकार के खिलाफ हैं। जनता को यह जानना और समझना चाहिए कि कुछ ऐसे तत्व हैं जो शांति को खत्म करना चाहते हैं और उनसे निपटना जरूरी है।’’
सिंह ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने और मणिपुर को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में काम करने की अपील की।
भाषा धीरज प्रशांत
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