कांग्रेस ने भारत को ‘अनाज के कटोरे’ में तब्दील किया, मोदी सरकार ने क्या किया: खरगे

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कांग्रेस ने भारत को 'अनाज के कटोरे' में तब्दील किया, मोदी सरकार ने क्या किया: खरगे

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 10:07 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 10:07 PM IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि लोगों का जीवन बेहतर बनाने में इस सरकार का योगदान क्या है, जबकि कांग्रेस की सरकारों ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और गरीबों की स्थिति सुधारने के लिए निर्णायक भूमिका निभाई।

खरगे ने यहां ‘डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी पुरस्कार-2026’ समारोह को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। यह पुरस्कार कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन के नाम पर स्थापित संस्था ‘एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन’ को दिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति के माध्यम से भूख के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जबकि सोनिया गांधी के प्रयासों से देश में खाद्य सुरक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए कानून आया।

उन्होंने कहा कि 1960-61 से 1980-81 के बीच चावल का उत्पादन 3.46 करोड़ टन से बढ़कर 5.36 करोड़ टन और गेहूं का उत्पादन 1.1 करोड़ टन से बढ़कर 3.63 करोड़ टन हो गया। खरगे का कहना था कि हरित क्रांति ने भारत को “अनाज के कटोरे” में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, “यह हमारी सरकार की उपलब्धि है। लेकिन मौजूदा सरकार की उपलब्धि क्या है, मोदी जी की उपलब्धि क्या है?”

खरगे ने कहा कि जब भारत खाद्यान्न की कमी और अकाल से जूझ रहा था, तब इंदिरा गांधी के नेतृत्व में हरित क्रांति को सरकार की प्राथमिकता बनाया गया। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन का योगदान इस बदलाव में महत्वपूर्ण था।

उन्होंने स्वामीनाथन के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल तकनीक पर्याप्त नहीं थी, बल्कि किसानों तक सिंचाई, बिजली, बेहतर बीज, उर्वरक, ऋण और प्रभावी कृषि विस्तार सेवाएं पहुंचाना भी जरूरी था। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों ने भारत को खाद्य आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि काम केवल किसी को गले लगाने या कहीं कुछ कहने से नहीं होता।

खरगे ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी के योगदान को भी याद किया और कहा कि राजशेखर रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में “ईंट-ईंट जोड़कर” कांग्रेस को खड़ा किया और पार्टी के मुश्किल दौर में उसे मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि 2004 में मुख्यमंत्री बनने से पहले राजशेखर रेड्डी ने भीषण गर्मी में 1,400 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा की और लोगों से सीधे संवाद किया। उनका मानना था कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों को “गरिमा, सुरक्षा और अवसर” देना है।

खरगे ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भी राजशेखर रेड्डी अपने संघर्ष के उद्देश्य को नहीं भूले। उन्होंने ‘आरोग्यश्री’ योजना के जरिये गरीब परिवारों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाईं, ‘इंदिरम्मा इल्लु’ के माध्यम से गरीबों के लिए घर बनाए, भूमिहीनों को जमीन देने के लिए काम किया और किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राजशेखर रेड्डी और स्वामीनाथन की सोच में समानता थी कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और किसी किसान या गरीब परिवार को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजशेखर रेड्डी 2004 से 2009 तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वर्ष 2009 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद पुत्र वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी ने कांग्रेस छोड़कर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी बनाई और बाद में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उनकी पुत्री वाई. एस. शर्मिला वर्तमान में आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष हैं।

इस कार्यक्रम में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

भाषा हक प्रशांत

प्रशांत