शबरिमला सोना मामले की एसआईटी जांच पर कांग्रेस, यूडीएफ को भरोसा नहीं : के. मुरलीधरन

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शबरिमला सोना मामले की एसआईटी जांच पर कांग्रेस, यूडीएफ को भरोसा नहीं : के. मुरलीधरन

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  • Publish Date - April 21, 2026 / 05:56 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 05:56 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 21 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को शबरिमला स्थित श्री अयप्पा मंदिर से सोने की कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) पर भरोसा नहीं है।

मुरलीधरन ने कहा कि चार मई के बाद जब यूडीएफ की सरकार सत्ता में आएगी, तो इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाएगी और किसी भी दोषी को बचने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने यह बात एक टीवी चैनल के उस सवाल के जवाब में कही, जिसमें बताया गया था कि विशेष जांच दल सोने की कथित हेराफेरी मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के पूर्व अध्यक्ष पी. एस. प्रशांत से फिर से पूछताछ कर रहा है।

मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि एसआईटी प्रशांत से पूछताछ इसलिए कर रही है, ताकि इस आलोचना का जवाब दिया जा सके कि कथित हेराफेरी मामलों में सभी आरोपियों को जमानत मिल गई है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘वे एक तरफ लोगों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं, जबकि मामलों के आरोपी जमानत पर बाहर आ रहे हैं। वे जनता को गुमराह करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। यह टीम (एसआईटी) इन मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। यही यूडीएफ का रुख है।’’

पूर्व टीडीबी सदस्य के. पी. शंकरदास को पिछले सप्ताह शबरिमला मंदिर से कथित तौर पर सोना गुम होने से जुड़े दो मामलों में जमानत मिल गई थी।

इसके साथ ही, कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं, जबकि एसआईटी पिछले वर्ष अक्टूबर से जांच कर रहे दोनों मामलों में अभी तक आरोप-पत्र दाखिल नहीं कर पाई है।

एसआईटी मंदिर के द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजे के चौखट से सोने की कथित हेराफेरी की जांच कर रही है।

इस घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने वाले केरल उच्च न्यायालय ने आरोप-पत्र दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अदालत ने कहा है कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है और कलाकृतियों से लिये गए नमूनों की केंद्रीय एजेंसियों की सहायता से जांच की जा रही है।

भाषा

सुरेश माधव

माधव