कर्नाटक में एसआईआर को लेकर कांग्रेस सतर्क: वेणुगोपाल
कर्नाटक में एसआईआर को लेकर कांग्रेस सतर्क: वेणुगोपाल
(तस्वीरों के साथ जारी)
बेंगलुरु, 16 सितंबर (भाषा) कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा कि पार्टी कर्नाटक में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर है और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी को लेकर ‘‘बहुत सतर्क’’ है।
उन्होंने राज्य में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की ‘‘वास्तविकता’’ पर चिंता जताई और केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निर्वाचन आयोग के जरिए ‘‘चुनाव में हेरफेर’’ करने का आरोप लगाया।
वेणुगोपाल ने कर्नाटक के प्रभारी एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी के हरिप्रसाद के साथ बुधवार को यहां पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) अध्यक्षों के साथ बैठकें कीं।
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘हमने कर्नाटक में एसआईआर को लेकर बैठक की। भाजपा हमारे खिलाफ सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग और अब दुर्भाग्य से निर्वाचन आयोग का भी इस्तेमाल कर रही है। कर्नाटक में हटाए जा रहे मतदाताओं की संख्या कुछ हैरान करने वाली है। कुल मतदाताओं में से करीब 23 प्रतिशत के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।’’
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर नाम हटाने की प्रक्रिया वास्तविक है तो किसी को कोई समस्या नहीं होगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि खासकर पिछले तीन-चार वर्षों में निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर उठे सवालों के कारण यह आशंका पैदा हुई है कि नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह वास्तविक नहीं हो सकती।
पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव से पहले करीब 50 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम मतदाता सूची के एसआईआर की इस कवायद के पीछे निर्वाचन आयोग की मंशा को समझते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी ने आज इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। मैं यहां मौजूद मुख्यमंत्री से अनुरोध कर रहा हूं कि चूंकि राज्य सरकार के अधिकारी बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) के रूप में तैनात हैं, इसलिए हम आयोग, अधिकारियों या एजेंसियों की ओर से किसी तरह का अनुचित पक्षपात नहीं चाहते। हम निर्वाचन आयोग की ओर से स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया चाहते हैं। मेरा मानना है कि कर्नाटक सरकार भी यह सुनिश्चित करेगी कि एसआईआर के जरिए गड़बड़ी करने की कोशिश करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़े।’’
उन्होंने कहा कि चुनाव लोगों के जनादेश से जीता जा सकता है, लेकिन ‘‘वोट चोरी’’ से नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आजकल इस देश में ऐसा हो रहा है इसलिए कांग्रेस ने आज एक महत्वपूर्ण बैठक की। मैं पार्टी आगे क्या करने जा रही है, इसका विस्तार से उल्लेख नहीं करना चाहता क्योंकि यह पार्टी का आंतरिक मामला है लेकिन पार्टी यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में राज्य और राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त न की जाए। सभी मंत्रियों और विधायकों को इस कवायद में सक्रिय रूप से शामिल होने को कहा गया है।’’
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने कई मौकों पर विपक्षी नेताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर शिकायतों या व्यक्तिगत सुनवाई के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।
‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत चुने गए कर्नाटक के नवनियुक्त जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) अध्यक्षों के साथ बैठक का उल्लेख करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘पूरे भारत में अब पार्टी के 15,56,054 सत्यापित पदाधिकारी हैं। बूथ लेवल एजेंट (बीएलए)-2 से लेकर प्रदेश कांग्रेस समिति (पीसीसी) के पदाधिकारियों तक, हमारी पार्टी का संगठन अब एक नए रास्ते पर है। कांग्रेस पार्टी में किसी भी पद पर रहने वाले व्यक्ति को नेतृत्व के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज हमने डीसीसी अध्यक्षों के साथ विस्तृत चर्चा की। हमने उन्हें भविष्य की गतिविधियों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। हमारा उद्देश्य कर्नाटक में बूथ स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक एक मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था तैयार करना है। डीसीसी अध्यक्षों को पूरी मेहनत से काम करना होगा। छह महीने बाद डीसीसी अध्यक्षों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। अच्छा प्रदर्शन करने वालों को जारी रखा जाएगा, जबकि अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वालों की जगह नए लोगों को नियुक्त किया जाएगा।’’
केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर लोगों को रोजाना ‘‘दंडित’’ करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि देश में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर कारोबारियों से 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के रूप में नया ‘‘मोदी टैक्स’’ लगाया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह नया ‘मोदी टैक्स’ है। यह टैक्स इसलिए लगाया गया है क्योंकि मोदी का अमेरिका के प्रति रवैया समर्पण वाला है। वे हर दिन देश के आम लोगों को परेशान कर रहे हैं। पूरा देश अब बदलाव की तलाश में है। बदलाव चाहने वाले लोगों की इस भावना को छिपाने के लिए वे चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे हैं।’’
सरकार पर देश के लोगों की ‘‘जेब काटने’’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारी अंततः इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाल देंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार जनविरोधी है और निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल कर चुनाव में हेरफेर करना ही उनकी एकमात्र उम्मीद है।’’
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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