जयपुर, 15 जनवरी (भाषा) राजस्थान में कांग्रेस नेताओं ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत राज्य में कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के वोट कटवाने की साजिश रच रही है।
कांग्रेस पार्टी ने अपने पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व बूथ स्तरीय एजेंट से इस संबंध में सतर्क रहने को कहा है ताकि कोई जायज वोट न काटा जा सके।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा वोट के अधिकार को ही खत्म करने पर आमादा है।
डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मुद्दे को लेकर यहां एक संवाददाता सम्मेलन किया। डोटासरा ने आरोप लगाया कि राज्य में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया के तहत ये साजिश की जा रही है।
डोटासरा ने कहा, ‘‘एक तरफ पुरानी मतदाता सूची को फर्जी बताकर एसआईआर प्रक्रिया कर रहे हैं …शुद्ध वोटर लिस्ट बनाने के लिए। दूसरी तरफ अब तक हुई एसआईआर में हर विधानसभा क्षेत्र हजारों की संख्या में मतदाताओं के नाम काटना और भाजपा विचारधारा के लोगों के फर्ज नाम हर बूथ वार जोड़ना … ये जो किया जा रहा है ये इस देश के लिए, इस लोकतंत्र के लिए इस संविधान के लिए बहुत खतरनाक है। ’’
उन्होंने कहा, ”ये सबसे गंभीर बात है कि सत्ता का दुरुपयोग जिस स्तर पर भारतीय जनता पार्टी करने जा रही है… वह संविधान में हमें प्रदत्त वोट के अधिकार को ही खत्म करने पर आमादा है। इसका हम विरोध करेंगे।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों को आवश्यक आंकड़े देकर हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस समर्थित वोट कटवाने या भाजपा समर्थक लोगों के फर्जी वोट जुड़वाने का काम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री आवास से हर विधानसभा क्षेत्र में एक पेन ड्राइव में डाटा दिया गया। उस डेटा के आधार पर फर्जी हस्ताक्षर वाले हजारों प्रिंटेड फार्म काफी विधानसभा क्षेत्रों में भेजे गए।
उन्होंने कहा,”ये फार्म फर्जी हैं और नियमानुसार नहीं हैं।”
नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी इसको लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने इसका एक वीडियो साझा करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ”आगामी पंचायती राज एवं नगरीय निकाय चुनावों में हार के भय से बौखलाई भाजपा अब एसआईआर के जरिये कांग्रेस समर्थक वोटरों से नाम कटवाने का प्रयास कर रही है।”
उन्होंने कहा,”गृहमंत्री अमित शाह के जयपुर दौरे के बाद से यह काम युद्धस्तर पर हो रहा है।”
भाषा
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रवि कांत