पटना, 16 मार्च (भाषा) बिहार की पांच राज्यसभा सीट के लिए सोमवार सुबह मतदान शुरू हो गया। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पांच और विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बिहार विधानसभा परिसर में मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करना शुरू कर दिया है।
मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू होगी और परिणाम आज ही घोषित होने की उम्मीद है।
बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) प्रमुख नीतीश कुमार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राजग के उम्मीदवारों में शामिल हैं।
सत्ताधारी गठबंधन के अन्य तीन उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (दोनों राज्यसभा के मौजूदा सदस्य) और भाजपा के शिवेश कुमार शामिल हैं।
राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से यह चुनाव भले ही संख्या बल के कारण काफी हद तक एकतरफा दिखाई दे रहा हो, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है।
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने के बाद इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। राजग ने अपने पांच प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, जबकि महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेंद्र धारी सिंह को चुनावी मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है।
संख्या बल के आधार पर देखें तो राजग की स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से राजग के पास लगभग 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है, जिससे उसके चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार पांडे के अनुसार नितिन नवीन, नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत को लेकर किसी तरह का संशय नहीं है। हालांकि, पांचवीं सीट को लेकर समीकरण कुछ जटिल हो जाते हैं, क्योंकि राजग के पांचवें उम्मीदवार के लिए आवश्यक मतों में लगभग तीन मतों की कमी बतायी जा रही है।
यही वजह है कि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। इस सीट पर भाजपा के शिवेश कुमार और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में ‘क्रॉस वोटिंग’ की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि दोनों ही खेमे अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने का दावा कर रहे हैं।
राजद अपने इकलौते उम्मीदवार की जीत के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के समर्थन पर बहुत अधिक निर्भर है, जिसके पांच विधायक हैं।
एआईएमआईएम ने रविवार को घोषणा की कि उसके सभी पांच विधायक राज्यसभा चुनाव में राजद के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
महागठबंधन ने अपने विधायकों को राजधानी पटना के एक होटल में ठहराया है।
वहीं, राजग ने रविवार को पटना में मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के आवासों पर अपने विधायकों के साथ बैठकें आयोजित कीं।
भाषा कैलाश
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