जयपुर, पांच अप्रैल (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को आरोप लगाया कि जोधपुर में प्रस्तावित ‘राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल इंस्टीट्यूट’ का निर्माण भाजपा सरकारों (केंद्र और राज्य) की उदासीनता के कारण विलंबित हो गया है।
उन्होंने परियोजना को शीघ्र पूरा करने की अपील की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने एक बयान में कहा कि यह संस्थान राजस्थान के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और साइबर सुरक्षा जैसी उभरती तकनीकों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से परिकल्पित किया गया था, जिसकी नींव उनके कार्यकाल में रखी गई थी।
उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संस्थान, जिसे मार्च 2024 तक पूरा होना था, अब राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण अधर में लटका हुआ है।”
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र ने पहले वित्त आयोग की सिफारिशों के बावजूद 400 करोड़ रुपये की राशि देने से इनकार कर दिया था और वर्तमान राज्य सरकार ने परियोजना की गति धीमी कर दी है।
गहलोत ने कहा कि जनकल्याणकारी परियोजनाओं में राजनीतिक कारणों से बाधा नहीं आनी चाहिए क्योंकि इससे राज्य की प्रगति और युवाओं के कौशल विकास पर असर पड़ता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से कार्य को तेज करने और संस्थान को जल्द शुरू कराने की अपील की, ताकि राज्य के युवा तेजी से बदलती तकनीकों के साथ कदम मिला सकें।
‘राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल इंस्टीट्यूट’ को राजस्थान में कौशल विकास और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार अवसरों को मज़बूत करने की एक बड़ी पहल के रूप में प्रस्तावित किया गया था।
भाषा बाकोलिया शफीक
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