नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़ेगी : गृह मंत्री शाह

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नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़ेगी : गृह मंत्री शाह

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 12:19 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 12:19 PM IST

( तस्वीर सहित )

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि देश में आने वाले वर्षों में तीन नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि की दर 80 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस परेड समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि माओवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई अपने अंतिम चरण में है और इस साल मार्च तक इस खतरे को हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।

शाह ने कहा कि न्याय पर आधारित तीन नए आपराधिक कानून पिछले 11 वर्षों में देश द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक हैं, जो आने वाले कुछ वर्षों में पूरी तरह से लागू होने के बाद मामलों के निपटारे और दोषसिद्धि की दर को बढ़ाने में मदद करेंगे।

गृह मंत्री तीन नए आपराधिक कानूनों – भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) का जिक्र कर रहे थे – जिन्होंने एक जुलाई, 2024 को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) और ‘इंडियन एविडेंस एक्ट’ (भारतीय साक्ष्य अधिनियम) की जगह थी।

गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस की कई नयी पहलों की भी शुरुआत की, जिनमें विशेष प्रकोष्ठ के लिए एक एकीकृत मुख्यालय और ‘सेफ सिटी’ परियोजना का पहला चरण शामिल है।

उन्होंने कहा कि ‘सेफ सिटी’ परियोजना के पहले चरण के तहत, 10,000 एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरों में से 2,100 कैमरों को निगरानी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है। शाह ने यह भी कहा कि पहले से मौजूद 15,000 सीसीटीवी कैमरों को भी इसमें एकीकृत किया गया है।

गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी के सामने आने वाली चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने में सक्षम रही है, जो देश के लोकतंत्र का दिल और उसके सम्मान एवं पहचान की प्रतीक है।

भाषा

नेत्रपाल मनीषा

मनीषा