एसआईआर से जुड़े ‘कदाचार’ के आरोप में प. बंगाल के सात निर्वाचन अधिकारी निलंबित

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एसआईआर से जुड़े ‘कदाचार’ के आरोप में प. बंगाल के सात निर्वाचन अधिकारी निलंबित

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  • Publish Date - February 16, 2026 / 01:56 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 01:56 PM IST

नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने चुनाव संबंधी विधिक प्रावधान के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पश्चिम बंगाल में सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े वैधानिक अधिकारों के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बूथ स्तरीय अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और उनके सहायक राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जो मतदाता सूची अद्यतन करने और चुनाव कराने में सहायता के लिए प्रतिनियुक्ति पर काम करते हैं।

आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें।

निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है। निर्वाचन आयोग ने सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 1950 के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल किया।

उच्चतम न्यायालय के सितंबर 2000 के आदेश के बाद आयोग और केंद्र सरकार के बीच हुई व्यवस्था के अनुसार, निर्वाचन आयोग का उन अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक अधिकार होगा जिन्हें चुनावी ड्यूटी के लिए तैनात किया गया है जिसमें “किसी भी अधिकारी/कर्मचारी/पुलिसकर्मी को अवज्ञा या कर्तव्य में लापरवाही के कारण निलंबित करना” भी शामिल है।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा