जमशेदपुर/चतरा (झारखंड), 16 फरवरी (भाषा) झारखंड के विभिन्न जिलों में बच्चा चोरी की अलग-अलग घटनाओं के संदेह में ग्रमीणों ने एक महिला समेत पांच लोगों की पिटाई कर दी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, रविवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के श्यामसुंदरपुर थाना क्षेत्र के चंदनपुर गांव में ग्रामीणों ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के रहने वाले दो सपेरों को कथित तौर पर बंधक बना लिया और उनकी पिटाई की।
श्यामसुंदरपुर थाने के प्रभारी सुनील कुमार भोक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर 30 से 35 वर्षीय को दो सपेरे गांवों में सांपों का खेल दिखाने आए थे तभी ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया।
थाना प्रभारी ने बताया, ‘ग्रामीणों को उनके बच्चा चोर होने का संदेह था जिसकी वजह से उन्होंने उन्हें बंधक बना लिया। कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट भी की। घटना की सूचना मिलने के बाद हमने दोनों को बचाया।
उन्होंने बताया कि उन व्यक्तियों ने अपने आधार कार्ड दिखाए जिससे पहचान मिनानुर मंडल और लाहुल मंडल के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि बहरागोड़ा प्रखंड के किसी भी हिस्से में हाल के दिनों में बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया जिसके बाद उन्हें वापस बहरागोड़ा शहर भेज दिया गया।
भोक्ता ने कहा, ‘हमने पीड़ितों को फिलहाल गांवों में न जाने की सलाह दी है, क्योंकि बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण बाहरी लोगों को देखकर स्थानीय लोग भड़क सकते हैं।’
एक अन्य घटना में, इसी जिले के घाटशिला अनुमंडल के डुमरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को शहद बेचने वाले एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को भी स्थानीय लोगों ने बंधक बना लिया।
डुमरिया थाना प्रभारी पंचम तिग्गा ने बताया, ‘ घटना की सूचना मिलने पर जब हम मौके पर पहुंचे तो पाया कि ग्रामीणों ने बच्चा चोर होने के संदेह में लंबे बालों वाले एक व्यक्ति को बंधक बना रखा था।’
एक अन्य घटना में, बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में कुछ लोगों ने मानसिक रूप से बीमार महिला पर बच्चा चोर होने के संदेह में हमला कर दिया।
पिंडराजोरा थाने के प्रभारी अभिषेक रंजन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने महिला को बचा लिया।
उन्होंने कहा, “हमने उसे देखभाल के लिए एक गैर-सरकारी संगठन को सौंप दिया है। उसे ग्रामीणों ने बच्चा चोर होने के संदेह में बंधक बना रखा था। इस संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।”
इसी तरह की घटनाएं चतरा जिले में भी सामने आई हैं, जहां अफवाहों के चलते बेकसूर लोगों को निशाना बनाया गया।
भाषा प्रचेता नोमान
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