तिरुवनंतपुरम, 16 फरवरी (भाषा) केरल में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के कार्यान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) ने सोमवार को राज्यभर में छापेमारी शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
वीएसीबी के अनुसार, ‘‘ऑपरेशन स्किल गार्ड’’ के तहत राज्यभर में परियोजना कार्यान्वयन के लिए चयनित 47 एजेंसियों, यहां स्थित डीडीयू-जीकेवाई राज्य कार्यान्वयन कार्यालय और 14 जिला कार्यान्वयन कार्यालयों सहित 62 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
डीडीयू-जीकेवाई केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक कौशल विकास योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार दिलाना है।
योजना की कुल लागत का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। परियोजनाओं का कार्यान्वयन चयनित एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है।
वीएसीबी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ एजेंसियां औपचारिक प्रशिक्षण कराए बिना ही प्रवेश दिलाने का दावा करके धन का दुरुपयोग कर रही थीं। साथ ही, वे यह दिखाने के लिए कि प्रशिक्षणार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद नौकरी मिल गई है, फर्जी वेतन प्रमाणपत्र और बैंक स्टेटमेंट भी तैयार कर रही थीं।
अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा यह भी आरोप है कि सत्यापन और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार जिला और राज्य स्तरीय कार्यालयों के अधिकारियों की भी इन अनियमितताओं में मिलीभगत है।
वीएसीबी ने कहा कि यह भी आरोप है कि कुछ एजेंसियों को बिना तय मानक पूरे किए धनराशि जारी की गई, प्रशिक्षण केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की जांच किए बिना परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, और कुछ एजेंसियों ने अपने ही कर्मचारियों को प्रशिक्षु दिखाकर धन का गलत इस्तेमाल किया।
वीएसीबी ने बताया कि इन सूचनाओं के आधार पर ‘‘ऑपरेशन स्किल गार्ड’’ नाम से राज्यभर में छापेमारी शुरू की गई ताकि अनियमितताओं का पता लगाया जा सके व कड़ी कार्रवाई की जा सके।
भाषा खारी नोमान
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