नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस को वह याचिका वापस लेने की मंगलवार को अनुमति दे दी जिसमें उसने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में सरकारी गवाह बनने का अनुरोध किया था।
विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने कहा कि जैकलीन के वकील द्वारा प्रस्तुत दलीलों के अनुसार, ईडी ने सरकारी गवाह बनने की अर्जी पर विचार नहीं किया था और वह (जैकलीन) ‘उचित उच्चाधिकारियों के समक्ष एक विस्तृत नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगी ताकि सरकारी गवाह बनने के उनके अनुरोध पर सही परिप्रेक्ष्य में विचार किया जा सके।’’
न्यायाधीश ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के अभियोजक ने कहा था कि एजेंसी को याचिका पर आपत्ति है और इसके विरोध में दिए गए जवाब को ध्यान में रखते हुए, यदि अदालत मामले के गुणदोष के आधार पर आदेश पारित करती है तो आवेदन को खारिज किया जा सकता है।
न्यायाधीश शर्मा ने कहा, “अभियोजक ने यह भी कहा है कि यदि आवेदन वापस ले लिया जाए तो ईडी को कोई आपत्ति नहीं है।”
न्यायाधीश ने एक संक्षिप्त आदेश में कहा, “दलीलें सुनने के बाद, आवेदन को वापस लिया हुआ मानकर उसका निस्तारण किया जाता है। आरोपी कानून के अनुसार अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र है।”
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की याचिका का विरोध करते हुए सोमवार को कहा था कि आरोपी सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक इतिहास की जानकारी होने के बावजूद वह उसके संपर्क में बनी रहीं।
ईडी ने जैकलीन की याचिका पर अपने जवाब में कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (जैकलीन) आरोपी नंबर एक सुकेश चंद्रशेखर की आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी होने के बावजूद उससे नियमित संपर्क में रहीं। एजेंसी ने कहा कि सुकेश ने ‘अपराध की आय’ से याचिकाकर्ता के लिए सभी लाभ, उपहार और वस्तुएं सावधानीपूर्वक व्यवस्थित कीं।
एजेंसी ने कहा कि संचार के कई माध्यमों से लगातार संपर्क और लाभ प्राप्त करना जैकलीन के ‘अनभिज्ञ पीड़ित’ होने के दावे को खारिज करता है और इसके बजाय मुख्य अपराधी के साथ जान-बूझ कर संलिप्तता को उजागर करता है।
एजेंसी के अनुसार, अभिनेत्री ने अपराध से प्राप्त धन का उपयोग स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के लिए किया। एजेंसी ने कहा कि उनका दावा कि वह पीड़िता हैं, रिकॉर्ड के साक्ष्यों के विपरीत है।
जांच के सिलसिले में ईडी द्वारा कई बार तलब की गई अभिनेत्री को एजेंसी द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र में पहली बार आरोपी बनाया गया था।
जैकलीन ने इस साल 16 अप्रैल को अदालत में याचिका दायर की थी।
तीन जुलाई, 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने धनशोधन मामले में प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी।
दो महीने बाद, उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर पर रैनबैक्सी कंपनी के पूर्व प्रवर्तक शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था।
देश भर में कई अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ जांच जारी है।
भाषा अमित अविनाश
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