Gwalior Nursing Home License Cancelled : ग्वालियर के इन 8 अस्पतालों पर ताला! CMHO ने अचानक निरस्त किए लाइसेंस, लिस्ट देखकर उड़ जाएंगे होश

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ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 नर्सिंग होम के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। जांच में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया।

  • Reported By: Vivek Pataiya

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  • Publish Date - May 12, 2026 / 10:40 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 06:33 AM IST

Gwalior Nursing Home License Cancelled

HIGHLIGHTS
  • ग्वालियर में 8 नर्सिंग होम के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए गए।
  • स्वास्थ्य विभाग की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
  • CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

ग्वालियर : Gwalior Nursing Home License Cancelled मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने जिले के 8 नर्सिंग होम के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद शहर के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।

विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई जा रही थीं

मिली जानकारी के अनुसार, इन अस्पतालों में लंबे समय से विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में मानकों का उल्लंघन मिलने के बाद यह कड़ा निर्णय लिया गया।

इन अस्पतालों का पंजीयन हुआ निरस्त

  • देहली हॉस्‍पीटल, बारादरी चौराहा, मुरार।
  • डॉक्‍टर प्लस मल्टीस्पेशलिटी हॉस्‍पीटल, बड़ागांव रोड।
  • रियल लाईफ मल्टीस्पेशलिटी हॉस्‍पीटल, हॉस्‍पीटल रोड।
  • नूतन नर्सिंगहोम, किला रोड।
  • सर्वधर्म हॉस्‍पीटल, खेडियामोडी चितौरा रोड़, बड़ागांव।
  • मुदगल हॉस्‍पीटल एण्ड ट्रामा सेन्टर, सागरताल रोड।
  • मंगल नेत्रालय, सेंथरी शनिचारा रोड़, महाराजपुरा।
  • नीलकण्ड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्‍पीटल, डीडीनगर, भिण्ड रोड।

स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Gwalior Nursing Home License Cancelled  CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर के आदेश पर की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य मरीजों को बेहतर और मानक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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