अदालत ने सीबीएफसी से ‘मिर्जापुर’ के ‘शूरवीर’ गीत बदलने के प्रस्ताव पर फैसला करने को कहा

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अदालत ने सीबीएफसी से ‘मिर्जापुर’ के ‘शूरवीर’ गीत बदलने के प्रस्ताव पर फैसला करने को कहा

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 05:16 PM IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि “मिर्जापुर: द मूवी” में लड़ाई के एक दृश्य में महाराणा प्रताप पर आधारित गीत का इस्तेमाल “उचित नहीं है” और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) निर्माता के उस प्रस्ताव पर एक सप्ताह के भीतर फैसला करे, जिसमें आवश्यक बदलाव करने की बात कही गई है।

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने फिल्म में ‘शूरवीर’ गीत के इस्तेमाल के खिलाफ दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान कहा, ‘‘प्रथमदृष्टया ऐसा उचित नहीं लगता। हम ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं, जहां हम हिंसा का महिमामंडन कर रहे हैं।’’

निर्माता की ओर से पेश वकील ने कहा कि इस गीत का इस्तेमाल केवल फिल्म के मुख्य दृश्य को प्रभावी बनाने के लिए किया गया है, जहां प्रमुख किरदार गुंडों से लड़ रहे हैं।

वकील ने कहा, ‘‘किसी भी किरदार की तुलना किसी ऐतिहासिक व्यक्ति से नहीं की गई है। इसका अपराध से सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है। यह दो गुटों के बीच की लड़ाई है।’’

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म के निर्माता ने खुद ही दृश्य में बदलाव करने के लिए बोर्ड से संपर्क किया है और बोर्ड इस संबंध में जल्द ही निर्णय लेगा।

याचिकाकर्ता के वकील ने फिल्म के ओटीटी मंच पर रिलीज होने के बाद उनकी याचिका के निष्प्रभावी हो जाने की आशंका जताई तो अदालत ने कहा, “अगर वे खुद ही पार्श्व संगीत के साथ गीत में बदलाव कर रहे हैं तो आपकी याचिका दाखिल करने का उद्देश्य पूरा हो जाता है।’’

अदालत ने जनहित याचिका को 24 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया और निर्देश दिया, “इस बीच, इस संबंध में निर्णय लिया जाए।’’

याचिकाकर्ता प्रशांत कुमार सिंह की जनहित याचिका में कहा गया है कि महाराणा प्रताप को समर्पित संगीत रचना ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस तरह बजाया गया है, जिससे योद्धा के सम्मानित आदर्शों और फिल्म में दिखाए गए हिंसक एवं गैरकानूनी कृत्यों के बीच ‘‘अवांछित जुड़ाव’’ बनता है।

याचिका में कहा गया है कि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की कहानी संगठित अपराध, गिरोहों की प्रतिद्वंद्विता और हिंसक आपराधिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

भाषा

देवेंद्र मनीषा

मनीषा