अदालत ने व्यक्ति को पत्नी पर तेजाब फेंकने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया

अदालत ने व्यक्ति को पत्नी पर तेजाब फेंकने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया

अदालत ने व्यक्ति को पत्नी पर तेजाब फेंकने की कोशिश के मामले में दोषी ठहराया
Modified Date: August 22, 2026 / 07:22 pm IST
Published Date: August 22, 2026 7:22 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को अलग रह रही पत्नी पर तेजाब फेंकने की कोशिश करने और उसका चेहरा बिगाड़ने की धमकी देने के मामले में दोषी ठहराया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने उसके खिलाफ ‘‘पुख्ता और पूरी तरह पुष्ट मामला’’ पेश किया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने सनोज यादव को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 326बी और 506 के तहत तेजाब फेंकने की कोशिश और आपराधिक धमकी देने का दोषी ठहराया।

अदालत ने 18 अगस्त को पारित आदेश में कहा, ‘‘यह तथ्य कि तरल पदार्थ गेट पर गिरकर उसे दागदार करने के बजाय गेट के बाहर सड़क पर गिरा, अचानक दरवाजा बंद होने की घटना के पूरी तरह अनुरूप है। सनोज के कब्जे से बरामद बोतल में पाए गए तरल पदार्थ की वैज्ञानिक जांच के दौरान पता चला कि वह सल्फ्यूरिक और हाइड्रोक्लोरिक एसिड था। वैज्ञानिक रिपोर्ट में संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है।’’

अभियोजन के अनुसार, वैवाहिक विवाद और घरेलू हिंसा के कारण यादव और उसकी पत्नी विनीता जून 2020 से अलग रह रहे थे।

अदालत को बताया गया कि यादव ने विनीता को बार-बार फोन कर धमकी दी थी कि वह उसके चेहरे पर तेजाब फेंक देगा। घटना से दो दिन पहले विनीता ने धमकियों के संबंध में संगम विहार थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

अदालत को बताया गया कि चार अगस्त 2022 को यादव कथित तौर पर पीले रंग के तरल पदार्थ से भरी बोतल लेकर संगम विहार स्थित विनीता के मायके के बाहर पहुंचा। विनीता के गेट खोलने पर उसने उस पर तरल पदार्थ फेंकने की कोशिश की, लेकिन उसने तेजी से गेट बंद कर दिया, जिससे तरल पदार्थ बाहर गिर गया।

अदालत को बताया गया कि बाद में पुलिस ने यादव के पास से बोतल बरामद की। फोरेंसिक जांच में पता चला कि तरल पदार्थ में अत्यधिक घातक सल्फ्यूरिक और हाइड्रोक्लोरिक एसिड मौजूद था।

अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि विनीता को कोई चोट नहीं लगी, इसलिए अपराध नहीं बनता। अदालत ने कहा कि तेजाब हमले के प्रयास से संबंधित प्रावधान के तहत वास्तविक चोट लगना आवश्यक नहीं है और प्रयास स्वयं दंडनीय है।

अदालत ने यादव के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उसकी पत्नी के घर चाय पीने के बाद उसे नशीला पदार्थ दे दिया गया था। अदालत ने कहा कि इस दावे के समर्थन में उसने कोई चिकित्सकीय रिकॉर्ड या अन्य साक्ष्य पेश नहीं किया।

अदालत ने पाया कि विनीता की गवाही की पुष्टि उसकी मां, भाई और बेटी के बयानों के साथ-साथ फोरेंसिक साक्ष्यों और तेजाब की बोतल की बरामदगी से हुई।

यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत सजा पर दलीलें 25 अगस्त को सुनेगी।

भाषा अमित संतोष

संतोष


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