अदालत ने ममता बनर्जी की जनसभा में की गई टिप्पणियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की

अदालत ने ममता बनर्जी की जनसभा में की गई टिप्पणियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की

अदालत ने ममता बनर्जी की जनसभा में की गई टिप्पणियों के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की
Modified Date: September 16, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:15 pm IST

कोलकाता, 15 सितंबर (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक जनसभा में बांग्लादेशी कार्यकर्ता की हत्या के संबंध में की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ी जनहित याचिका (पीआईएल) बुधवार को खारिज कर दी।

अदालत ने कहा कि यह याचिका जनहित याचिका के तौर पर स्वीकार्य नहीं थी।

पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले उच्च न्यायालय में एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कहा गया था कि उस रैली में उनकी टिप्पणियों से कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र विट्ठलराव घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बनर्जी की कथित टिप्पणियों को लेकर एक वकील द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया।

एक सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान, अदालत ने बांग्लादेशी कार्यकर्ता की हत्या के बारे में बनर्जी की एक जनसभा में की गई कथित टिप्पणियों से जुड़ी जनहित याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा कि जनहित याचिकाओं का इस्तेमाल एक “खास औजार या हथियार” के तौर पर किया जा रहा है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि बनर्जी ने दिसंबर 2025 में ढाका में बांग्लादेशी कार्यकर्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बारे में कुछ विवादित टिप्पणियां की थीं, जिनका भारत के राष्ट्रीय हित पर असर पड़ा।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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