अदालत ने जेकेसीए ‘घोटाले’ में फारूक अब्दुल्ला, अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया

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अदालत ने जेकेसीए ‘घोटाले’ में फारूक अब्दुल्ला, अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया

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  • Publish Date - March 6, 2026 / 03:00 PM IST,
    Updated On - March 6, 2026 / 03:00 PM IST

श्रीनगर, छह मार्च (भाषा) श्रीनगर की एक स्थानीय अदालत ने जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) से जुड़े कथित घोटाले मामले में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।

श्रीनगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तब्बसुम ने इस सप्ताह की शुरुआत में पारित पांच पृष्ठ के आदेश में निर्देश दिया कि आरोप तय करने के लिए मामले को 12 मार्च को सूचीबद्ध किया जाए।

अदालत ने कहा, ‘‘आरोप तय करने के लिए मुख्य फाइल को 12 मार्च 2026 को सूचीबद्ध करें। आरोप तय होने के बाद गवाहों, यानी आरोपी संख्या तीन और छह के बयान साक्ष्य के रूप में दर्ज किए जाएंगे। यदि वे अपने रुख से मुकरते हैं, तो उचित आदेश जारी किए जाएंगे।’’

बहरहाल, अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मामले में पक्षकार बनाए जाने के अनुरोध वाली अर्जी को खारिज कर दिया।

अदालत ने कहा, ‘‘मामले के तथ्यों और परिस्थितियों, कानून के प्रावधानों और न्यायिक मिसालों को ध्यान में रखते हुए ईडी को ऐसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया जा सकता है जिसकी जांच, मामला दर्ज करना और अभियोजन सीबीआई द्वारा किया गया हो और जहां सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र में कोई अनुसूचित अपराध का खुलासा नहीं किया गया हो।’’

अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि ईडी का आवेदन अस्पष्ट था और उसमें विरोधाभासी राहतों की मांग की गई थी।

उसने कहा कि जांच और पूछताछ करने की ईडी की शक्ति मुख्य रूप से धन शोधन निवारण अधिनियम में परिभाषित धन शोधन के अपराध से जुड़ी है।

आरोप तय करने के सवाल पर अदालत ने कहा कि रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत अपराध के आवश्यक तत्व प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ सिद्ध होते हैं।

आदेश में कहा गया है, ‘‘अतः अभियुक्तों पर उक्त अपराधों के लिए आरोप लगाए जाएंगे। हालांकि, महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद निर्णय सुनाए जाने से पहले मुकदमे की सुनवाई के दौरान किसी भी चरण में स्वतः संज्ञान लेकर आरोप जोड़े जा सकते हैं।’’

भाषा गोला रंजन

रंजन