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कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि हर जिले में कृषि मेले आयोजित किये जा रहे हैं। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि कर्मयोगियों के साथ मंथन हो रहा है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों की परेशानियों के लिए चिंतित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारा है। इस कार्य में सभी कृषि कर्मयोगियों को सहयोग प्राप्त हो रहा है।
सचिव कृषि निशांत वरवड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसेवकों को कर्मयोगी की संज्ञा दी है। कृषक कल्याण वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन से आज सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारियों और कर्मचारियों को कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में आमंत्रित किया है। इसमें कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य पालन विभाग, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, मार्केटिंग फेडरेशन, बीज निगम, कृषि अभियांत्रिकी विभाग एवं अन्य विभाग शामिल हैं। कार्यशाला में किसानों की समस्याओं को बिना देरी के हल करने और किसान हेल्पलाइन की शुरुआत होगी। कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यशाला में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री लखन पटेल, प्रशासक अपेक्स बैंक श्री महेंद्र सिंह यादव, प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव श्री श्री डीपी आहूजा, संचालक कृषि कल्याण एवं कृषि विकास श्री उमाशंकर भार्गव सहित संपूर्ण प्रदेश से आए अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये भी कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त किया। वे राज्यों को 90% राशि परियोजना कार्यों के लिए दे रहे हैं। यह कृषि क्षेत्र में किसानों के हित में बहुत बड़ा निर्णय है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना, मप्र सहित राजस्थान के किसानों के जीवन में समृद्धि लाएगी। हाल ही में राजस्थान यात्रा में किसानों ने इस परियोजना की मंजूरी पर हर्ष व्यक्त किया। डिजिटल साधनों का प्रयोग किसानों के लिए हितकारी है। इस कार्य को पवित्रता और एकात्म भाव से कर से असंभव कार्य भी संभव हो सकेंगे। किसान हेल्पलाइन सेवा से किसान लाभान्वित होंगे। किसान नई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषक कल्याण वर्ष में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अनेक किसान, कार्य करने के लिए प्रेरित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि बुधवार को खरगोन जिले में ऐसे किसानों से भेंट हुई जो आधुनिक मशीनों से फसल कटाई के कार्य के साथ नरवाई का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल रही है।