न्यायालय ने हादसे में लकवाग्रस्त हुए व्यक्ति को 25 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया

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न्यायालय ने हादसे में लकवाग्रस्त हुए व्यक्ति को 25 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया

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  • Publish Date - June 11, 2026 / 06:40 PM IST,
    Updated On - June 11, 2026 / 06:40 PM IST

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उस व्यक्ति को बड़ी राहत देते हुए 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया, जो लगभग 19 साल पहले बेंगलुरु में ऑटो-रिक्शा पर पेड़ की शाखा गिरने की घटना में लकवाग्रस्त हो गया था।

उच्चतम न्यायालय ने एक अहम फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में, मोटर वाहन अधिनियम (एमवीए) की धारा 166 के तहत मुआवजे का दावा, खासकर नगर निकाय के खिलाफ दायर नहीं किया जा सकता।

यह प्रावधान सड़क दुर्घटना के पीड़ितों या उनके कानूनी प्रतिनिधियों को दोषी चालक या मालिक की गलती या लापरवाही साबित करके मुआवजे का दावा करने की अनुमति देता है।

यह मानते हुए कि एमवीए के तहत ऐसे दावे स्वीकार्य नहीं थे, न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए 2007 से लकवाग्रस्त व्यक्ति के लिए मुआवजे की रकम 17.10 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये (साथ में ब्याज) कर दी।

पीठ ने कहा, ‘‘जिस व्यक्ति को ऐसी गंभीर चोटें आई हों जिनसे उसका जीवन ही बदल गया हो, उसे बेसहारा छोड़ देना न्याय की भावना के अनुरूप नहीं है।’’

पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा पहले दिया गया मुआवजा अपर्याप्त था।

भाषा शफीक नरेश

नरेश