कोच्चि, 13 जनवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में भक्तों को बेचे जाने वाले पवित्र प्रसाद ‘आदिया सिष्टम घी’ की बिक्री से जुड़े मामले में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से धन के दुरुपयोग की सतर्कता जांच का आदेश मंगलवार को दिया।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के.वी. जयकुमार की पीठ ने सतर्कता और भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के निदेशक को एक अपराध दर्ज करने तथा इसकी जांच के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, ‘‘जांच दल आज से एक महीने के भीतर इस न्यायालय के समक्ष जांच की प्रगति बताते हुए एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। गठित दल केवल इसी न्यायालय के प्रति जवाबदेह होगा और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले इस न्यायालय की पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा।’’
अदालत ने कहा कि घटनाक्रम से वह ‘स्तब्ध और बेहद परेशान’ है।
अदालत ने कहा, ‘‘पता चला गबन दो महीने से भी कम समय की छोटी अवधि से संबंधित है।’’
यह आदेश अदालत द्वारा स्वतः संज्ञान ली गई एक याचिका पर आया है, जो टीडीबी के मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी की एक शिकायत के बाद दायर की गई थी।
शिकायत में बताया गया था कि मंदिर में बेचे गए घी के 16,628 पैकेट की बिक्री से प्राप्त राशि देवास्वोम खाते में जमा नहीं की गई है।
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यासिर प्रशांत
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