न्यायालय का अरावली वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार

न्यायालय का अरावली वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार

न्यायालय का अरावली वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के आदेश पर रोक लगाने से इनकार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: June 17, 2021 7:49 am IST

नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने खोरी गांव के पास अरावली वन क्षेत्र में अतिक्रमित करीब 10,000 आवासीय निर्माण को हटाने के लिए हरियाणा और फरीदाबाद नगर निगम को दिए अपने आदेश पर बृहस्पतिवार को रोक लगाने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा, “ हम अपनी वन भूमि खाली चाहते हैं।”

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी ने राज्य और नगर निकाय को इस संबंध में उसके सात जून के आदेश पर अमल करने का निर्देश दिया।

शीर्ष अदालत उस आवेदन पर सुनवाई कर रही थी जिसमें गांव में आवासीय ढांचों को तोड़ने पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था।

न्यायालय ने सात जून को राज्य और फरीदाबाद नगर निगम को निर्देश दिया था कि गांव के पास अरावली वन क्षेत्र में ‘सभी अतिक्रमण को हटाएं’ और कहा था कि “ जमीन पर कब्जा करने वाले कानून के शासन की आड़ नहीं ले सकते हैं” और ‘निष्पक्षता’ की बात नहीं कर सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने फरीदाबाद जिले में लकरपुर खोरी गांव के पास वन भूमि से सभी अतिक्रमण हटाने के बाद राज्य सरकार से छह हफ्ते में अनुपालन रिपोर्ट तलब की थी।

भाषा

नोमान अनूप

अनूप


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