नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से शुक्रवार को इनकार कर दिया जिसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के यहां जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताएं पैदा होने की आशंका जताई गई थी।
सीजेपी ने परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छह जून को प्रदर्शन का आह्वान किया है।
‘सेव इंडिया फाउंडेशन’ के वकील ने न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख तत्काल सुनवाई के लिए किया लेकिन पीठ ने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस महीने की शुरुआत में अपने समर्थकों और विद्यार्थियों से दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। दीपके ने अपने समर्थकों से यह भी आग्रह किया था कि वे छह जून को उनके हवाई अड्डे आने पर वहां पहुंचें।
सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा संचालित मुहिम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अपने गठन के बाद से चर्चा में है और कई सार्वजनिक हस्तियों ने इसे ‘सब्सक्राइब’ किया है।
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशनों और राजमार्गों के प्रवेश बिंदुओं पर ‘‘तत्काल एहतियाती, नियामक और भीड़ नियंत्रण संबंधी उपाय’’ लागू करने का अनुरोध किया।
याचिका में प्राधिकारियों को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया कि वे प्रस्तावित सभा को ‘‘सीमित एवं नियंत्रित करें या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित’’ करें ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे। इसमें प्राधिकारियों को यह निर्देश दिए जाने का भी आग्रह किया गया था कि वे इस दौरान सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता किए बिना अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण स्थानों और आपात सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करें।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने ‘‘विदेशों से जुड़े सर्वरों का इस्तेमाल कर एक अंतरराष्ट्रीय संस्थागत अस्थिरता एजेंडे को अंजाम देकर’’ युवाओं को ‘‘अनियमित समूह’’ में बदल दिया है।
याचिका में अनुरोध किया गया कि छह जून के प्रदर्शन को या तो किसी वैकल्पिक निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित किया जाए या उसकी कड़ी निगरानी की जाए। इसमें अनुरोध किया गया कि इस पूरी कार्यवाही की विस्तृत वीडियोग्राफी कराई जाए ताकि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित ‘‘विदेशी क्षेत्रों’’ से ‘‘उकसाने’’ वाले लोगों को हवाई अड्डे की सुरक्षा और आवश्यक आपात व्यवस्था को प्रभावित करने से रोका जा सके।
भाषा सिम्मी वैभव
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