नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कांग्रेस नेता अलका लांबा को एक साल के लिए अच्छे आचरण की शर्त (प्रोबेशन) पर रिहा कर दिया। उन्हें 2024 में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला करने के मामले में दोषी ठहराया गया था।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने महिला कांग्रेस की प्रमुख लांबा को एक लाख रुपये का बॉण्ड जमा करने का निर्देश दिया।
अदालत ने 25 मई को उन्हें दोषी ठहराते हुए कहा कि उन्होंने निषेधाज्ञाओं की अनदेखी की और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्य को पूरा करने में विफल रहीं।
सजा पर दलीलों के दौरान, लांबा ने अच्छे आचरण की शर्त पर रिहाई की मांग करते हुए एक याचिका दायर की।
अदालत ने लांबा को लोक सेवकों के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने, अधिकारियों पर हमला करने, जारी आदेश की अवहेलना करने और सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न करने का दोषी ठहराया था।
भाषा प्रशांत दिलीप
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