राबड़ी की याचिका पर अदालत ने सीबीआई से जवाब मांगा

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राबड़ी की याचिका पर अदालत ने सीबीआई से जवाब मांगा

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 07:38 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 07:38 PM IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को ‘जमीन के बदले नौकरी’ मामले में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की एक याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 1,600 अप्रयुक्त दस्तावेज देने से इनकार कर दिया गया था।

न्यायमूर्ति मनोज जैन ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई एक अप्रैल के लिए सूचीबद्ध की है।

निचली अदालत ने 18 मार्च को राबड़ी देवी और उनके पति, पूर्व रेल मंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें अप्रयुक्त दस्तावेजों की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि ये दस्तावेज एक साथ उपलब्ध कराना न केवल ‘बैलगाड़ी को घोड़े के आगे रखने’ (उल्टा काम करने) जैसा होगा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को ‘पूरी तरह से अव्यवस्थित’ भी कर देगा।

अप्रयुक्त दस्तावेज वे होते हैं, जिन्हें जांच एजेंसियां जब्त तो करती हैं, लेकिन आरोपपत्र में उनका उपयोग नहीं किया जाता।

निचली अदालत ने दो अन्य आरोपियों द्वारा दायर इसी तरह के आवेदनों को भी खारिज कर दिया। इनमें लालू प्रसाद के निजी सचिव आर.के. महाजन द्वारा एक अप्रयुक्त दस्तावेज और रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक एवं पूर्व नियुक्ति प्राधिकारी महीप कपूर द्वारा 23 अप्रयुक्त दस्तावेजों की मांग की गई थी।

सीबीआई के अनुसार, ‘जमीन के बदले नौकरी’ का यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में की गई ग्रुप डी नियुक्तियों से संबंधित है। आरोप है कि ये नियुक्तियाँ उन उम्मीदवारों को दी गईं, जिन्होंने राजद प्रमुख के परिवार या सहयोगियों के नाम पर भूखंड उपहार में दिए या स्थानांतरित किए थे।

भाषा रंजन दिलीप

दिलीप

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