आशीष मिश्रा की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

आशीष मिश्रा की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब

आशीष मिश्रा की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: March 16, 2022 11:44 am IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने केन्द्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे एवं लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।

इस हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे।

प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने मामले में प्रमुख गवाहों में से एक पर हुए हमले की दलील पर गौर किया और उत्तर प्रदेश सरकार से गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों के तीन सदस्यों ने आशीष मिश्रा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 10 फरवरी को मिश्रा को मामले में जमानत दे दी थी। इससे पहले वह चार महीने तक हिरासत में रहा था।

गौरतलब है कि किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ पिछले साल तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कथित तौर पर कुचल दिया था। इससे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक को कथित तौर पर पीट-पीट कर मार डाला, जबकि हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी।

किसान नेताओं ने दावा किया है कि उस वाहन में आशीष मिश्रा थे, जिसने प्रदर्शनकारियों को कुचला था। हालांकि, मिश्रा ने आरोपों को खारिज किया है।

भाषा निहारिका सिम्मी

सिम्मी


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