कमीज उतारकर प्रदर्शन: अदालत ने आईवाईसी के 3 कार्यकर्ताओं को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

कमीज उतारकर प्रदर्शन: अदालत ने आईवाईसी के 3 कार्यकर्ताओं को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

कमीज उतारकर प्रदर्शन: अदालत ने आईवाईसी के 3 कार्यकर्ताओं को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
Modified Date: February 26, 2026 / 07:05 pm IST
Published Date: February 26, 2026 7:05 pm IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान कमीज उतार कर प्रदर्शन करने के सिलसिले में शिमला से गिरफ्तार कर यहां लाये गए भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के तीन आरोपी कार्यकर्ताओं को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने दिल्ली पुलिस की उस याचिका पर आदेश पारित किया जिसमें तीनों आरोपियों से पांच दिन के लिए हिरासत में पूछताछ का अनुरोध किया गया था।

मजिस्ट्रेट ने कहा कि तीनों आरोपियों को एक मार्च को पुलिस हिरासत पूरी होने पर अदालत में पेश किया जाना चाहिए।

भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।

कार्यवाही के दौरान, लोक अभियोजक ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सौरभ और अरबाज खान और मध्य प्रदेश के सिद्धार्थ अवधूत “हिमाचल प्रदेश में छिपे हुए थे”, और उन्हें बुधवार को सुबह लगभग 6:40 बजे एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया था।

अभियोजक ने कहा कि तीनों को उसी दिन अपराह्न लगभग 1:40 बजे शिमला में एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्होंने दिल्ली पुलिस की ट्रांजिट हिरासत के अनुरोध वाली याचिका को स्वीकार कर लिया और उन्हें 18 घंटे के भीतर दिल्ली की संबंधित अदालत में पेश करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ ने 20 फरवरी को शिखर सम्मेलन स्थल पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शित टी-शर्ट डिजाइन की थी, जबकि सौरभ ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था। उन्होंने कहा कि सौरभ और अरबाज विरोध प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे।

अभियोजक ने कहा, “एक लाख से अधिक टी-शर्ट छापी गईं… हमें छपाई के स्रोत का पता लगाना होगा, साजिश की उत्पत्ति और कार्यप्रणाली का पता लगाना होगा, सह-आरोपियों से उनका सामना कराना होगा, बरामदगी करनी होगी, और इसमें शामिल अन्य लोगों के नाम पता लगाने होंगे…।”

आरोपियों के वकील ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार करके प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की है।

अधिवक्ता ने पूछा, “किसी बरामदगी पर असर नहीं हुआ, नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। अगर आप प्राथमिकी देखें, तो उसमें वही वाक्य लिखा है जो जेएनयू मामले में था: ‘टुकड़े-टुकड़े’। हम किस तरह की मिसाल कायम कर रहे हैं?”

उन्होंने यह भी दावा किया कि “मुख्य विपक्षी दल से संबंधित कुछ लोगों को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। वे राजनीतिक दलों के लिए एक उदाहरण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।”

पूर्व में गिरफ्तार किये गए दो अन्य आरोपी अजय कुमार और राजा गुर्जर को भी तीन दिन की रिमांड पूरी होने पर अदालत में पेश किया गया और अदालत ने उनकी हिरासत भी तीन और दिन के लिये बढ़ा दी।

इन गिरफ्तारियों के चलते दिल्ली और शिमला की पुलिस टीमों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध पैदा हो गया, जो बृहस्पतिवार सुबह नाटकीय 24 घंटों के बाद समाप्त हुआ, जब दिल्ली पुलिस की टीम को अंततः तीनों आरोपियों के साथ राजधानी लौटने की अनुमति मिल गई।

इस गतिरोध में, एसीजेएम से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बावजूद दिल्ली पुलिस की टीम को लगभग पांच घंटे तक “रोक कर” रखा गया।

भाषा

प्रशांत पवनेश

पवनेश


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