भाकपा नेता वीरपांडियन का भ्रष्टाचार संबंधी टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन पर पलटवार

भाकपा नेता वीरपांडियन का भ्रष्टाचार संबंधी टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन पर पलटवार

भाकपा नेता वीरपांडियन का भ्रष्टाचार संबंधी टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन पर पलटवार
Modified Date: September 22, 2026 / 05:38 pm IST
Published Date: September 22, 2026 5:38 pm IST

चेन्नई, 22 सितंबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की तमिलनाडु इकाई के सचिव एम वीरपांडियन ने मंगलवार को मंत्री आधव अर्जुन पर भ्रष्टाचार संबंधी उनकी टिप्पणी को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सार्वजनिक बयान देने से पहले कम्युनिस्ट पार्टी के 100 साल पुराने इतिहास का अध्ययन करना चाहिए।

वीरपांडियन ने अपनी पार्टी के स्वच्छ रिकॉर्ड को रेखांकित करते हुए कहा कि 100 साल के इतिहास में भारत में किसी कम्युनिस्ट नेता को अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी नहीं ठहराया है और न ही किसी थाने में उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज हुआ है।

मदुरंतकम में पार्टी का रुख साफ करते हुए वीरपांडियन ने पत्रकारों से कहा कि मौजूदा सरकार को भाकपा का समर्थन जनहित में लिया गया एक लोकतांत्रिक फैसला है। मदुरंतकम में छह अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

वीरपांडियन ने कहा कि सरकार को अस्थिर करने का उनकी पार्टी का कोई इरादा नहीं है और वह आम लोगों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने सिद्धांतों से भटकती है तो भाकपा आवाज़ उठाएगी या विरोध प्रदर्शन करेगी।

वीरपांडियन ने भाकपा की नैतिक ईमानदारी का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘धार्मिक और साहित्यिक ग्रंथों में भी ऐसा बेदाग़ रिकॉर्ड शायद ही मिलता है, जिन्हें समाज में बहुत सम्मान की नज़र से देखा जाता है।’’

वीरपांडियन की यह टिप्पणी लोक निर्माण और खेल मंत्री द्वारा वामपंथी दलों से राज्य की पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार के दौरान के ‘‘भ्रष्टाचार’’ पर बोलने के लिए कहे जाने के कुछ दिनों बाद आई है।

भाकपा प्रदेश सचिव ने राजनीतिक अस्थिरता की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि वामपंथी दलों का सरकार गिराने का कोई इरादा नहीं है।

भाषा

राजकुमार अमित

अमित


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