अलप्पुझा, 26 फरवरी (भाषा) केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कन्नूर में एक दिन पहले राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर केरल छात्र संघ (केएसयू) कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से हमला किये जाने के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दावों को बृहस्पतिवार को ‘पूरी तरह झूठ’ बताया।
सतीशन ने दावा किया कि इसी ‘झूठ’ के आधार पर माकपा ने राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ व्यापक हिंसा भड़काई।
उन्होंने कहा कि मीडिया, पुलिस और रेलवे पुलिस को इस बात की जानकारी है कि केरल छात्र संघ (केएसयू) का एक भी कार्यकर्ता जॉर्ज के पास नहीं आया था तथा वहां मौजूद अधिकारियों ने तुरंत उन्हें घेर लिया और इलाके से हटा दिया।
यह घटना बुधवार दोपहर कन्नूर रेलवे स्टेशन पर उस समय हुई, जब मंत्री वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार होने के लिए वहां पहुंची थीं।
माकपा के अनुसार, कांग्रेस के छात्र संगठन केएसयू के पांच कार्यकर्ताओं ने वीना जॉर्ज पर हमला किया।
राज्य के सरकारी अस्पतालों में कथित चिकित्सा लापरवाही की लगातार घटनाओं के विरोध में काले झंडे लहराते हुए प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को बाद में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
छात्र संघ के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में दावा किया गया कि उन्होंने मंत्री की गर्दन पर हथियार से हमला किया और उनके बंदूकधारी को भी काबू में किया।
सतीशन ने प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री के ‘झूठ’ के आधार पर केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य विधानसभा अध्यक्ष एएन शमशीर के साथ चर्चा के बाद पूरी झूठी कहानी ‘गढ़ी’ गई थी।
शमशीर, रेलवे स्टेशन पर ही मौजूद थे लेकिन वह दूसरे प्लेटफॉर्म पर थे और उन्होंने घटना होते नहीं देखी। विपक्ष के नेता ने दावा किया कि शमशीर भी इस साजिश में शामिल थे।
शमशीर के अनुसार, रेलवे पुलिस की प्रारंभिक जांच में केएसयू कार्यकर्ताओं के खिलाफ आरोपों को पुष्ट करने वाला कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन पर यह झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया कि जॉर्ज का गला केएसयू कार्यकर्ताओं ने मरोड़ा था।
विपक्षी नेता ने कहा, “गोविंदन के खिलाफ इस तरह का झूठ फैलाने के लिए मामला दर्ज किया जाना चाहिए, जिससे राज्य में दंगे भड़क सकते हैं। वह माकपा के राज्य सचिव पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं।’’
भाषा जितेंद्र रंजन
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