कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने निर्वाचन आयोग पर पश्चिम बंगाल में त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि वह अदालत का रुख करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में 60 लाख लोगों को “असमंजस में न छोड़ दिया जाए।’’
विधानसभा चुनाव के लिए वाम मोर्चा की पहली उम्मीदवार सूची जारी करने के बाद माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने 23 और 29 अप्रैल को प्रस्तावित मतदान को लेकर पार्टी की संभावनाओं पर भरोसा जताया।
सलीम ने दावा किया, “निर्वाचन आयोग त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने अपने मूल दायित्व में विफल रहा है।”
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “माकपा अदालत का रुख करेगी ताकि ‘विचाराधीन’ 60 लाख लोगों को असमंजस की स्थिति में न छोड़ा जाए।”
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए वाम मोर्चा ने सोमवार को 192 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की।
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा ने 2011 तक लगातार 34 वर्षों तक राज्य में शासन किया था, लेकिन 2011 में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस ने उसे सत्ता से बेदखल कर दिया।
हालांकि, वाम मोर्चा 2021 के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी राज्य में खाता नहीं खोल सका।
भाषा खारी रंजन
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