तिरुवनंतपुरम, 19 सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता टी. एम. थॉमस इसाक ने लियोनल मेस्सी की अगुवाई में अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के केरलम दौरे के विफल होने से जुड़े विवाद के मामले में एक निजी मलयालम टीवी चैनल पर पुलिस छापे को लेकर यूडीएफ सरकार की आलोचना की और इस कार्रवाई में जीएसटी मामले को आधार बनाने पर सवाल उठाए।
इसाक ने शुक्रवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने दावा किया था कि मेस्सी दौरा मामले में जीएसटी धोखाधड़ी साबित हुई है।
कथित जीएसटी अनियमितता के आधार पर सवाल उठाते हुए माकपा नेता ने कहा कि ये कर अर्जेंटीना फुटबॉल संघ (एएफए) की ओर से दी जाने वाली सेवाओं पर लागू होता है और भविष्य में सेवा उपलब्ध कराए जाने की धारणा के आधार पर अग्रिम भुगतान पर जीएसटी लगाया गया था।
पूर्व वित्त मंत्री के अनुसार, चैनल ने छह जून 2025 को एएफए को 78.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जिस पर अग्रिम राशि के रूप में 14.1 करोड़ रुपये कर बनता था। इसके बाद 15 अक्टूबर को 47.8 करोड़ रुपये का दूसरा अग्रिम भुगतान किया गया, जिस पर 8.6 करोड़ रुपये कर लगा। इस तरह कुल कर देनदारी 22.68 करोड़ रुपये हो गई।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2025 के अंत तक यह स्पष्ट हो गया था कि मेस्सी केरलम नहीं आएंगे और इसलिए अनुबंधित सेवा भी उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। ऐसे में यह मुद्दा अब प्रासंगिक नहीं रह गया है।
इसाक ने कहा, ‘‘अगर सेवा के लिए ‘रिवर्स चार्ज’ के रूप में अग्रिम राशि पर पहले ही जीएसटी वसूल लिया गया था, तो वह राशि भी चैनल को वापस की जानी चाहिए।’’
इस बीच, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने शनिवार को टीवी चैनल के प्रबंध निदेशक एंटो ऑगस्टीन के खिलाफ हमला तेज कर दिया, जिन्हें मेस्सी दौरा विवाद की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने वायनाड स्थित उनके पैतृक घर पर हालिया छापे के दौरान कथित रूप से तय सीमा से अधिक शराब रखने के मामले में गिरफ्तार किया है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि पत्रकारिता का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए ढाल के रूप में नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि ऑगस्टीन के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमले के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
केरल पुलिस ने बुधवार को राज्य में लियोनल मेस्सी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम के विफल होने से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत मलयालम समाचार चैनल के कोच्चि स्थित मुख्यालय और उसके प्रवर्तकों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी।
भाषा शफीक सुरेश
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