साइबर धोखाधड़ी के प्रयास में फर्जी एटीएस अधिकारियों ने माकपा विधायक शांताकुमारी को बनाया निशाना
साइबर धोखाधड़ी के प्रयास में फर्जी एटीएस अधिकारियों ने माकपा विधायक शांताकुमारी को बनाया निशाना
पलक्कड (केरल), सात मार्च (भाषा) केरल में कोंगड से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की विधायक के. शांताकुमारी ने शनिवार को कहा कि उन्हें एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह ने निशाना बनाया, जिसने उनसे संपर्क कर दावा किया कि पहलगाम बम विस्फोट मामले में एक आरोपी ने उनके नाम पर एक सिम और एक बैंक खाते का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह उन्हें सबसे पहले किसी ऐसे व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) का सदस्य बताया और उन्हें बताया कि उनके नाम के सिम कार्ड का इस्तेमाल पहलगाम बम विस्फोट के आरोपियों में से एक ने किया था।
शांताकुमारी ने यहां पत्रकारों को बताया, ‘‘उस व्यक्ति ने कहा कि मार्च 2025 में मेरे खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। मैंने उसे बताया कि मैं केरल में सत्तारूढ़ पार्टी की विधायक हूं, जिसके बाद उसने कहा कि तिरुवनंतपुरम साइबर प्रकोष्ठ से कोई मुझे फोन करेगा।’’
इसके बाद तिरुवनंतपुरम स्थित साइबर प्रकोष्ठ मुख्यालय में एक अधिकारी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया और उनसे ‘‘उत्तर भारतीय मलयालम’’ में बात की और पूछा कि क्या वह अतीत में मुंबई या कश्मीर गई थी।
विधायक ने बताया कि उनसे कुछ मिनट बात करने के बाद उसने उन्हें एक और नंबर पर कॉल करने के लिए कहा, जो एक अन्य कथित एटीएस अधिकारी का नंबर निकला।
माकपा नेता ने कहा कि एटीएस अधिकारी ने उनसे अंग्रेजी में बात की और उन्हें बताया कि सामान्य परिस्थितियों में उन्हें अपना बयान दर्ज कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
उन्होंने बताया, ‘‘इसके बाद उसने मुझसे कहा कि उसका नंबर व्हाट्सऐप पर सहेज (सेव कर) लूं और थोड़ी देर बाद मुझे उसकी वीडियो कॉल आ गई। उस समय तक मैंने अपने परिवार को नहीं बताया था कि क्या हो रहा है, क्योंकि मैं यह जानने के लिए उत्सुक थी कि आखिर मामला क्या है और क्या इससे मेरी पार्टी पर कोई असर पड़ेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने घर पर बनाए कार्यालय कक्ष में वह वीडियो कॉल उठाई। उन्होंने कहा कि मेरा बयान रिकॉर्ड किया जाएगा और मुझसे आधार नंबर भी मांगा गया।’’
उन्होंने बताया कि जब वह वीडियो कॉल पर थीं, तभी उनके पति और बेटा वहां आ गए। उन्हें देखकर कथित एटीएस अधिकारी ने उनसे भी वहीं बैठने के लिए कहा।
महिला विधायक ने कहा, ‘‘मेरे बेटे ने कहा कि वह अधिकारी की एआई से बनी हुई तस्वीर जैसा लग रहा है। उसने गुस्से में उस व्यक्ति से पूछा कि वह कौन है और अपनी पहचान दिखाने को कहा। इसी बीच मेरे वाहन चालक ने स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी, लेकिन उस समय मुझे इसके बारे में पता नहीं था।’’
शांताकुमारी ने बताया कि करीब दो घंटे तक चली बातचीत के दौरान उन लोगों ने कहा कि मुंबई में उनके नाम से एक बैंक खाता मौजूद है और उसका इस्तेमाल आरोपियों ने बम धमाके के लिए धन जुटाने में किया था।
विधायक ने बताया कि उन्हें कहा गया कि पाकिस्तान से जुड़े आरोपी उनके नाम से एक नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे और विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण वह घबरा गई थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया कि एक विधायक होने के नाते ऐसा मामला मेरे भविष्य पर असर डाल सकता है, क्योंकि चुनाव लड़ने के लिए उनकी तरफ से किसी अपराध में गैर-संलिप्तता प्रमाण पत्र जरूरी होगा।’’
उन्होंने बताया कि बाद में अपने बेटे के कहने पर उन्होंने कॉल काट दी। इसके बाद कथित एटीएस अधिकारी ने उन्हें तीन-चार बार फिर वीडियो कॉल की, लेकिन उन्होंने उसे नहीं उठाया।
विधायक ने बताया कि इसके कुछ ही समय बाद पुलिस वहां पहुंच गई और घटना के संबंध में उनका बयान दर्ज किया।
विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने साइबर प्रकोष्ठ को शिकायत भेज दी है।
शांताकुमारी ने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी।’’
भाषा गोला सुरेश
सुरेश

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