माकपा ने निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण को खारिज किया, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
माकपा ने निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण को खारिज किया, सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने रविवार को निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में 26 सितंबर के उसके बयान को खारिज करते हुए कहा कि हालिया खुलासों से उठे गंभीर मुद्दों का इस बयान में कोई समाधान नहीं किया गया है।
वामपंथी दल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई।
माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों द्वारा उठाई गई चिंताओं को आयोग के भीतर ही जताई गई आपत्तियों के खुलासे से और बल मिला है।
पोलित ब्यूरो ने कहा, ‘‘छब्बीस सितंबर को जारी निर्वाचन आयोग के बयान में आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर हुए खुलासों से उठे गंभीर सवालों का समाधान नहीं किया गया है।’’
पार्टी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए।
माकपा ने कहा, ‘‘इस पृष्ठभूमि में, हम सीईसी ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की अपनी मांग दोहराते हैं। यदि वह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कदाचार के लिए उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाना चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया पर भी तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।’’
निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे और मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। आयोग में निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद और नोटिस पाने वाले तथा मतदाता सूची से बाहर रह गए मतदाताओं की चिंताओं के बीच यह स्पष्टीकरण आया।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश

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