गलत मतदाता सूचियों से फायदा उठाने वाले अब शोर मचा रहे: भाजपा

गलत मतदाता सूचियों से फायदा उठाने वाले अब शोर मचा रहे: भाजपा

गलत मतदाता सूचियों से फायदा उठाने वाले अब शोर मचा रहे: भाजपा
Modified Date: September 27, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: September 27, 2026 8:36 pm IST

नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) भाजपा ने रविवार को कहा कि एसआईआर के तहत 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों से एक करोड़ से अधिक ‘डुप्लीकेट’ प्रविष्टियां और 2.8 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। पार्टी ने कहा कि यह कवायद ‘‘व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजागर कर रही है’’ और गलत मतदाता सूचियों से फायदा उठाने वाले अब शोर मचा रहे हैं।

सत्तारूढ़ दल ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर लोगों को ‘‘गुमराह’’ करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उसे विभिन्न चुनावों में मिली हार का जवाब लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हुए देना चाहिए, न कि झूठ के जरिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक सवाल जिसका जवाब ‘इंडी’ गठबंधन का कोई नेता नहीं देना चाहता: इन ‘डुप्लीकेट’ नामों को मतदाता सूची में बनाए रखने से किसे फायदा हुआ? अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं था, तो मतदाता सूचियों को त्रुटिमुक्त बनाने को लेकर घबराहट क्यों?’’

भाजपा ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि 9.43 करोड़ अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम चिह्नित कर मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं। पार्टी ने कहा, ‘‘यह मामूली स्तर पर की गई सफाई नहीं है। यह मतदाता सूची में दर्ज कुल मतदाताओं का 9.92 प्रतिशत है। इसके बावजूद ‘इंडी’ गठबंधन उस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को त्रुटिमुक्त बनाना है।’’

भाजपा ने कहा कि एसआईआर के तहत 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2.8 करोड़ मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने शनिवार को जारी अपने बयान में स्पष्ट किया था कि एसआईआर समेत सभी प्रमुख फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने सर्वसम्मति से लिए।

भाजपा नेता ने कहा कि चुनावी हार की हताशा में संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस की ‘‘झूठ और दुष्प्रचार फैलाने की राजनीति’’ अब निर्वाचन आयोग के बयान से पूरी तरह बेनकाब हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘जनता की अदालत में मिली हार का जवाब तथ्यों और लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करते हुए दिया जाना चाहिए, झूठ के जरिए नहीं।’’

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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