नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजलाल ने सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) को खत्म करने या तर्कसंगत बनाने की मांग करते हुए कहा कि यह परीक्षा सिविल सेवाओं में विविधता के रास्ते में बाधा बन रही है।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए बृजलाल ने कहा कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा आगामी 24 तारीख को होने वाली है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा के दो प्रश्नपत्र—सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1 (जीएस-1) और सीसैट प्रश्नपत्र-2 (जीएस-2) होते हैं।
उन्होंने बताया कि सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1 में 200 अंक के 100 प्रश्न होते हैं और प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.66 अंक की निगेटिव मार्किंग प्रणाली लागू होती है। वहीं सीसैट में 200 अंक के 80 प्रश्न होते हैं, जिसमें हर गलत उत्तर पर 0.833 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है।
बृजलाल ने कहा ‘‘सीसैट एक क्वालीफाइंग पेपर है, जिसमें न्यूनतम 33 प्रतिशत यानी 66 अंक लाना अनिवार्य है। यदि कोई अभ्यर्थी सीसैट में पास नहीं होता, तो जीएस-1 में उसकी उत्तर पुस्तिका की जांच ही नहीं की जाती।’’
उन्होंने कहा, “इस वजह से प्रतिनिधित्व असंतुलित हो गया है। सफल उम्मीदवारों में करीब 65 प्रतिशत इंजीनियर होते हैं, जबकि ह्यूमैनिटीज और आर्ट्स वर्ग के अभ्यर्थियों को सीसैट के तकनीकी, गणित आधारित प्रश्नों में कठिनाई होती है।”
इसे सिविल सेवाओं में विविधता के लिए “सबसे बड़ी बाधा” बताते हुए बृजलाल ने सरकार से मांग की कि या तो सीसैट को समाप्त किया जाए या इसे इस तरह तर्कसंगत बनाया जाए कि इंजीनियरिंग, विज्ञान, चिकित्सा और कला वर्ग, सभी पृष्ठभूमि के अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने पारदर्शिता की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सीसैट में असफल होने वाले अभ्यर्थियों को न तो उनके अंक बताए जाते हैं और न ही कोई फीडबैक दिया जाता है, जबकि केवल सफल उम्मीदवारों को ही उनके अंक मिलते हैं।
उन्होंने कहा, “पारदर्शिता की कमी समाप्त होनी चाहिए, ताकि सिविल सेवा भर्ती प्रक्रिया में न्याय और समानता सुनिश्चित की जा सके।”
नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान ने कश्मीरी भाषा को प्राचीन भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में करीब 75 फीसदी लोग कश्मीरी भाषा बोलते हैं।
रमजान ने कहा ‘‘कश्मीरी भाषा का अपना इतिहास है और इसकी अपनी लिपि है। कश्मीरी भाषा अपनी समृद्ध मौखिक परंपरा, लोक कथाओं और कवियों के लिए जानी जाती है, जो कश्मीर की संस्कृति से गहराई से जुड़ी है।’’
उन्होंने कहा कि प्राचीन भाषा का दर्जा मिलने के बाद कश्मीरी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संवर्द्धन में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा ने प्रख्यात शायर डॉ राही मासूम रजा के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी करने की मांग करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में आम आदमी अपनी छवि देख सकता है।
कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने तेलंगााना में लंबित कई रेल परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। इसी पार्टी के शक्ति सिंह गोहिल ने डिजिटल मंचों पर कथित अश्लील सामग्री दिखाए जाने का मुद्दा उठाया।
शून्यकाल में ही एमएनएफ सदस्य के वेंलेल्वना, भाजपा के भीम सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी, नबाम रेबिया, महाराजा संजाओबा लेशंबा, आदित्य प्रसाद, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुभाष चंद्र बोस पिल्ली, राकांपा (शप) की फौजिया खान, शिवसेना के मिलिंद मुरली देवरा और कांग्रेस के नीरज डांगी ने भी आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।
भाषा
मनीषा अविनाश
अविनाश