ऑयल इंडिया लिमिटेड पर साइबर हमला करने वाले ने 57 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी

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ऑयल इंडिया लिमिटेड पर साइबर हमला करने वाले ने 57 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी

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  • Publish Date - April 13, 2022 / 08:15 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:11 PM IST

गुवाहाटी/डिब्रूगढ़, 13 अप्रैल (भाषा) साइबर हमले का शिकार हुए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रम ऑयल इंडिया से 75,00,000 अमेरिकी डॉलर (57 करोड़ से अधिक रुपये) की फिरौती मांगी गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

कंपनी द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ओआईएल के प्रबंधक (सुरक्षा) सचिन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि ओआईएल और सरकारी खजाने को साइबर हमले – रैंसमवेयर के कारण भारी वित्तीय नुकसान हुआ है, क्योंकि आईटी प्रणाली के माध्यम से होने वाला व्यापार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।

साइबर हमला 10 अप्रैल को ओआईएल के भूगर्भीय व जलाशय विभाग के कार्यस्थलों में से किसी एक पर हुआ था, लेकिन इसकी सूचना आईटी विभाग ने मंगलवार को दी।

अधिकारी ने कहा,”प्रारंभिक जांच के बाद पता चला है कि ओआईएल के नेटवर्क, सर्वर और ग्राहकों के पीसी नेटवर्क संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।”

कुमार ने कहा, ”इसके अलावा, यह भी पता चला है कि साइबर हमलावर ने हमले का शिकार हुए एक पीसी के जरिये 75,00,000 अमेरिकी डॉलर की फिरौती मांगी है।”

उन्होंने कहा कि कंपनी का सर्वर, नेटवर्क और अन्य संबंधित सेवाएं प्रभावित हैं।

डिब्रूगढ़ जिले में, असम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्होंने आईपीसी और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

ओआईएल के प्रवक्ता त्रिदिव हजारिका ने दुलियाजान में कंपनी के फील्ड मुख्यालय से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कंपनी चरणबद्ध तरीके से सिस्टम की मरम्मत पर काम कर रही है और इसमें समय लगेगा।

उन्होंने कहा,”हमारे ऑनलाइन सिस्टम बंद हैं और हम ऑफलाइन काम कर रहे हैं। डेटा को अभी ऑफलाइन सहेजा जा रहा है और इसे बाद में अपलोड किया जाएगा जब आईटी सिस्टम फिर से काम करने लगेगा।”

गुवाहाटी के नरेंगे में ओआईएल के पाइपलाइन मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने अपना पूरा नेटवर्क बंद कर दिया है, हालांकि उनके सिस्टम पर अभी तक कोई हमला नहीं हुआ है।

अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया, ”हमारा काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है क्योंकि हम पूरी तरह से इंटरनेट नेटवर्क पर निर्भर हैं। हमारे आईटी इंजीनियर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और वे किसी भी साइबर हमले को विफल करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”

भाषा

जोहेब माधव

माधव