लद्दाख में डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच साइबर अपराध पर रोकथाम के प्रयास तेज

लद्दाख में डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच साइबर अपराध पर रोकथाम के प्रयास तेज

लद्दाख में डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच साइबर अपराध पर रोकथाम के प्रयास तेज
Modified Date: September 2, 2026 / 03:42 pm IST
Published Date: September 2, 2026 3:42 pm IST

लेह, दो सितंबर (भाषा) लद्दाख में पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में तेजी से हुई बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन डिजिटल धोखाधड़ी, ऑनलाइन घोटालों और साइबर वित्तीय अपराधों के मामलों की रोकथाम, जांच और त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इन सख्त कानूनी कदमों के साथ गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), वित्तीय संस्थानों और सामुदायिक संगठनों का एक बड़ा नेटवर्क भी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहा है ताकि जमीनी स्तर पर वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लद्दाख में 2021 से 2026 के बीच साइबर अपराध से जुड़ी 1,077 शिकायतें दर्ज की गईं जिनमें करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी शामिल है।

साइबर अपराधों से निपटने के एक बड़े उपाय के तहत उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने 27 अगस्त को लद्दाख में एक साइबर पुलिस थाना स्थापित करने की मंजूरी दी है जिसके अधिकार क्षेत्र में पूरा केंद्र शासित प्रदेश आएगा।

यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा था, ‘जैसे-जैसे लद्दाख तेजी से ‘डिजिटल बैंकिंग’, ‘यूपीआई’, ‘ई-कॉमर्स’ और ‘ई-गवर्नेंस’ सेवाओं को अपना रहा है, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे नागरिक डिजिटल क्षेत्र में उभरते खतरों से सुरक्षित रहें।’

पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि लद्दाख पुलिस अपने कर्मियों के कौशल और तैयारियों को भी मजबूत कर रही है। साइबर अपराध के मामलों से निपटने, इसकी जांच करने और इससे जुड़े पोर्टल के उपयोग को लेकर 31 अगस्त और एक सितंबर को लेह स्थित पुलिस मुख्यालय में दो-दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित की गई।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश


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